ग्राम समाचार मिहिजाम।
देश में कोरोना को लेकर हुए लॉकडाउन की स्तिथि के कारण पश्चिम बंगाल के लोगो को मिहिजाम नगर भवन में 35 दिनों से कोरेनटाइन में रखा गया है। जो की पिछले 1 मई को ही जामताड़ा उपायुक्त ने अपने राज्य में जाने की अनुमत दे दी थी। परंतु वे लोग जब पश्चिम बंगाल सीमा के रूपनारायणपुर थाना के निकट पहुचते ही उनलोगों को वापस मिहिजाम की तरफ भेज दिया जाता है। उनलोगों ने बताया की देश में लॉकडाउन लागु होने के पूर्व ही कोलकाता से तीर्थ यात्रा के लिए हरिद्वार बस से गये हुए थे। परंतु जब वे लोग बस से वापस लौट रहे थे। तब तक कोरोना जैसी महामारी वायरस देश में दस्तक दे चूका था। और लॉकडाउन की प्रक्रिया भी शुरू हो गयी थी। और वे लोग मिहिजाम में आकर फस गये। जिसके बाद जिला प्रशासन को इसकी जानकारी मिली तो जिला प्रशासन ने जिले में कोविद-19 की प्रकोप को देखते हुए सारे लोगो को नगर भवन में कोरेनटाइन के लिए भेज दिया था। अब जब झारखण्ड सरकार के द्वारा इनलोगों को स्वस्थ होने की प्रमाण पत्र भी दे चुके है। फिर भी पश्चिम बंगाल सरकार इनलोगों को अपने राज्य में आने की अनुमति नही दे रही है। जबकि कई राज्यों के सरकार दुसरे राज्यों में फसे अपने लोगो की डाटा इक्कठा कर अपने राज्य में लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वही दूसरी और पश्चिम बंगाल की सरकार अपने कान में रुई डाल कर सोई हुई है।
क्या कहते है मिहिजाम नप के सिटी मेनेजर:- सिटी मेनेजर राजेश प्रसाद ने कहा की बंगाल सरकार की और से उदासीन रवैया होने के कारण कोरेनटाइन में रह रहे लोगो को अपने राज्य में जाने की अनुमति मिलने के बाद भी वे लोग अपने गंतव्य स्थान जा नही पा रहे है। साथ ही उन्होंने कहा की जबतक वे लोग अपने गंतव्य वापस नही लौट जाते तबतक लोगो को मिहिजाम प्रशासन की और से दैनिक आहार की सुविहा भी मुहैया कराई जाएगी।
रोहित शर्मा, ग्राम समाचार, मिहिजाम
देश में कोरोना को लेकर हुए लॉकडाउन की स्तिथि के कारण पश्चिम बंगाल के लोगो को मिहिजाम नगर भवन में 35 दिनों से कोरेनटाइन में रखा गया है। जो की पिछले 1 मई को ही जामताड़ा उपायुक्त ने अपने राज्य में जाने की अनुमत दे दी थी। परंतु वे लोग जब पश्चिम बंगाल सीमा के रूपनारायणपुर थाना के निकट पहुचते ही उनलोगों को वापस मिहिजाम की तरफ भेज दिया जाता है। उनलोगों ने बताया की देश में लॉकडाउन लागु होने के पूर्व ही कोलकाता से तीर्थ यात्रा के लिए हरिद्वार बस से गये हुए थे। परंतु जब वे लोग बस से वापस लौट रहे थे। तब तक कोरोना जैसी महामारी वायरस देश में दस्तक दे चूका था। और लॉकडाउन की प्रक्रिया भी शुरू हो गयी थी। और वे लोग मिहिजाम में आकर फस गये। जिसके बाद जिला प्रशासन को इसकी जानकारी मिली तो जिला प्रशासन ने जिले में कोविद-19 की प्रकोप को देखते हुए सारे लोगो को नगर भवन में कोरेनटाइन के लिए भेज दिया था। अब जब झारखण्ड सरकार के द्वारा इनलोगों को स्वस्थ होने की प्रमाण पत्र भी दे चुके है। फिर भी पश्चिम बंगाल सरकार इनलोगों को अपने राज्य में आने की अनुमति नही दे रही है। जबकि कई राज्यों के सरकार दुसरे राज्यों में फसे अपने लोगो की डाटा इक्कठा कर अपने राज्य में लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वही दूसरी और पश्चिम बंगाल की सरकार अपने कान में रुई डाल कर सोई हुई है।
क्या कहते है मिहिजाम नप के सिटी मेनेजर:- सिटी मेनेजर राजेश प्रसाद ने कहा की बंगाल सरकार की और से उदासीन रवैया होने के कारण कोरेनटाइन में रह रहे लोगो को अपने राज्य में जाने की अनुमति मिलने के बाद भी वे लोग अपने गंतव्य स्थान जा नही पा रहे है। साथ ही उन्होंने कहा की जबतक वे लोग अपने गंतव्य वापस नही लौट जाते तबतक लोगो को मिहिजाम प्रशासन की और से दैनिक आहार की सुविहा भी मुहैया कराई जाएगी।
रोहित शर्मा, ग्राम समाचार, मिहिजाम
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