ग्राम समाचार न्यूज़ : भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट वंदना पोपली ने रेवाड़ी के विधायक चिरंजीव राव को जानकारी ना होने तथा जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है रेवाड़ी के विधायक द्वारा दिया गया बयान उनकी अज्ञानता को तो दर्शाता ही है साथ ही जिस प्रकार से हरियाणा के लोगों को गुमराह करने की कोशिश वह कर रहे हैं वह सिर्फ एक राजनीति का हिस्सा है हरियाणा में 1983 पीटीआई शिक्षकों की आज जो हालत है उसके लिए पूर्ण रूप से कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है सुप्रीम कोर्ट के द्वारा लिए गए निर्णय को रेवाड़ी के विधायक भाजपा जजपा सरकार का निर्णय बताते हैं भाजपा सरकार की पूरी सहानुभूति 1983 पीटीआई शिक्षकों के साथ है जिनके साथ अन्याय कांग्रेस सरकार के समय हुआ लेकिन कांग्रेस विधायक उसमे भी राजनीती ढूंढ़ते है सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर कहा 1983 पीटीआई शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितताएं पाई गई हैं जोकि 2010 में हुई थी उस समय कांग्रेस की सरकार थी रेवाड़ी के विधायक अपनी पार्टी के शासन काल में हुए अन्याय का ठीकरा भाजपा सरकार पर फोड़ना चाहते है जहां उनको शर्मिंदा होना चाहिए कि कांग्रेस पार्टी की सरकार के समय अनियमित ढंग से भर्तियां की गई उल्टा वह भाजपा पर ही आरोप लगा रहे हैं चिरंजीव राव पीटीआई की भर्ती प्रक्रिया को जाने बगैर भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। भर्ती के समय एक मामले में तो हैरानी करने वाली बात यह है कि चयनित एक उम्मीदवार का परिणाम पहले घोषित कर दिया और उसने फार्म बाद में जमा करवाया। यह भी आरोप था कि महिला के लिए रिजर्व सीट पर पुरूष उम्मीदवार का चयन किया गया। एक चयनित उम्मीदवार दसवीं में फेल था। एक उम्मीदवार ने तो पीटीआइ का कोर्स 1995 में किया लेकिन दसवीं 1997 में की। जिस प्रकार कांग्रेस सरकार द्वारा खुल्लम खुला नियमों की धज्जियां उड़ाई गई चिरंजीव राव का तो हक ही नहीं बनता कि वह कुछ कह सके लेकिन बेशर्मी की पराकाष्ठा है आरोप भी वही लगा रहे है जिन्होंने दर्द दिया है. 11 सितंबर 2012 को हाई कोर्ट के जस्टिस एजी मसीह ने कांग्रेस के शासनकाल में भर्ती 1983 पीटीआइ शिक्षकों की नियुक्तियों को रद कर दिया था। कोर्ट ने इस मामले में दायर एक साथ 68 याचिकाओं पर सुनवाई के बाद फैसला सुनाया था। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 10 अप्रैल 2010 को फाइनल चयन सूची जारी कर ये नियुक्तियां की थीं। हाईकोर्ट ने कमीशन को निर्देश जारी किए थे कि नियमों के तहत नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करे और पांच महीने के अंदर इस भर्ती प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि ये नियुक्तियां निर्धारित नियमों के तहत नहीं हुई हैं और इन्हें गैरकानूनी कहलाना गलत नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के निर्णय को सही बताया है अगर कांग्रेस ने नियमो कि धज्जियाँ न उड़ाई होती तो इन 1983 पीटीआई शिक्षकों को मुश्किल न होती।
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Rewari News : भाजपा नेत्री वंदना पोपली ने कांग्रेस विधायक चिरंजीव राव को दी नसीहत बोलने से पहले सोचे।
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