ग्राम समाचार रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग का विवादों से जैसे चोली दामन का साथ हो गया है। छठी सिविल सेवा का कट ऑफ मार्क जानी होने के बाद शुरू हुआ विवाद थम नहीं रहा नाराज अभ्यर्थी छठी सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। परीक्षार्थियों का कहना है परीक्षा रद्द करना ही एकमात्र विकल्प है। उनका कहना है कि सिलेबस में इस बात का उल्लेख था की पेपर-१ यानी हिंदी-अंग्रेजी पेपर की परीक्षा क्वालीफाइंग होगी। हिंदी अंग्रेजी पेपर 50-50 अंक का होगा। पूर्व में भी ली गई सिविल सेवा परीक्षा में हिंदी अंग्रेजी का प्राप्तांक नहीं जोड़ा गया है
- अभ्यर्थियों ने कहा कि सेवा वितरित करने में विनियम की अनदेखी हुई है। आरक्षित कैटेगरी में अधिक अंक लाने के बाद अनारक्षित में डाल दिया गया। इस कारण संबंधित अभ्यर्थी को इच्छा अनुसार सेवा नहीं मिल सकी। और कम अंक लाने वाले अभ्यर्थियों को प्रशासनिक सेवा पुलिस सेवा मिली है इसको देखते हुए अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है। -कुमार कुन्दनम ग्राम समाचार ,रांची (झारखंड)
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