Bhagalpur News:एसएम कॉलेज की छात्राओं ने जल-जीवन-हरियाली का लिया संकल्प


ग्राम समाचार, भागलपुर । एसएम कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं एक भारत श्रेष्ठ भारत के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को जल जीवन हरियाली पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसएम कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अर्चना ठाकुर ने की। मंच संचालन व विषय प्रवेश एनएसएस की प्रोग्राम ऑफिसर एवं राजनीति विज्ञान की हेड डॉ अनुराधा प्रसाद ने किया। जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ तबस्सुम परवीन ने की। प्राचार्या डॉ अर्चना ठाकुर ने कहा कि जल ही जीवन है। जल के बिना मनुष्य का अस्तित्व ही नहीं है। जल संरक्षण की दिशा में छात्राओं को भी पहल करने की जरूरत है। इस पहल की शुरुआत छात्राएं अपने - अपने घरों से ही करें। बर्तन धोने से लेकर कई दैनिक कार्यों में पानी का कम प्रयोग करके जल को संरक्षित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली मुख्यमंत्री का एक महत्वाकांक्षी योजना है। समेकित प्रयास से ही जल और जीवन बचाया जा सकता है। इस मुहिम के तहत कॉलेज कैम्पस में भी अधिकाधिक वृक्षारोपण किया जाएगा। छात्राएं अपने घरों के आंगन और आस - पड़ोस में भी पौधा लगाएं। उन्होंने कहा कि छात्राओं को जल-जीवन और हरियाली लाने के लिए संकल्प लेने की जरूरत है। प्राचार्या ने कहा कि पानी के अनावश्यक प्रयोग और इसकी बर्बादी को हर हाल में रोकना होगा। शहर में कई जगह नलों में टोटियां नहीं है, जिसके चलते रोजाना बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद हो रहा है। उन्होंने छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण के लिए सतत प्रयत्नशील और जागरूक रहने को कहा। इतिहास विभाग के हेड डॉ रमन सिन्हा ने कहा कि अंग क्षेत्र भागलपुर शुरू से ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता रहा है। भागलपुर चम्पा, चानन और गंगा के किनारे स्थित शहर है। जितनी भी सभ्यता का विकास हुआ है वह नदियों और जलाशयों के किनारे ही हुआ है। उन्होंने जल संरक्षण को लेकर इतिहास में वर्णित तथ्यों का उल्लेख किया। एनएसएस की प्रोग्राम ऑफिसर डॉ अनुराधा प्रसाद ने विषय प्रवेश करते हुए कहा कि जल संरक्षण और हरियाली के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और सोलर एनर्जी को बढ़ावा देना होगा। अधिकाधिक संख्या में वृक्षारोपण करके पर्यावरण को संतुलित करने का प्रयास किया जा सकता है। वहीं, राजनीति विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ दीपक कुमार दिनकर ने कहा कि जल, जंगल, जमीन, जानवर और जन में अन्योन्याश्रय सम्बन्ध है। इनका समुचित संतुलन ही पर्यावरण की उत्तकृष्टता को दर्शाता है। अविवेकपूर्ण विकास नीति के चलते पर्यावरण का संकट उत्पन्न होता है, इससे मानवाधिकारों का भी हनन होता है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण बिहार में बाढ़ और सुखाड़ की असमय स्थिति उत्पन्न हो रही है। इससे निपटने के लिए ही मुख्यमंत्री ने यह मुहिम सभी जिलों में समग्रता के साथ चलाया है। उन्होंने गो ग्रीन का संदेश भी दिया। इस मौके पर एनएसएस की स्वयंसेविकाओं ने कॉलेज कैम्पस में पौधरोपण करके जल-जीवन-हरियाली का संदेश दिया। छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण को दर्शाता हुआ पोस्टर भी बनाया। जिसे शिक्षकों ने खूब सराहा। इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं द्वारा पेश एनएसएस गीत से हुई। कार्यक्रम में डॉ आशा तिवारी ओझा, डॉ अंजू कुमारी, डॉ नीलम कुमारी, डॉ नाहिद इरफान, डॉ दीपक कुमार दिनकर, डॉ सबा रईस, डॉ कुमारी कोमल, डॉ ज्योतिमा पाण्डेय, चन्दन कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्राएं उपस्थित थे।
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