Godda ECL News : राजमहल परियोजना ट्रेड यूनियनों की भारत बंद का असर दिखा, हुआ लाखों का नुकसान

ग्राम समाचार महागामा (गोड्डा)। ट्रेड यूनियनों की भारत बंद का असर बुधवार को  झारखंड में गोड्डा जिले के ललमटिया स्थित  राजमहल परियोजना में साफ तौर पर दिखा। 
राजमहल परियोजना में  संयुक्त ट्रेड यूनियन के नेताओं ने 12 सूत्रीय मांग को लेकर बुधवार को उत्पादन और प्रेषण कार्य को लंबे समय तक बाधित किया।  

दोपहर करीब 12 बजे बंद समर्थकों  को ललमटिया पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने के बाद परियोजना के उत्पादन में हलचल दिखी। पूर्ववत उत्पादन को शुरू करने में प्रबंधन को परेशानी का सामना करना पड़ा। 

मालूम हो कि प्रमुख ट्रेड यूनियनों में इंटक, एटक, सीटू,एचएमएस, आदि संघ के नेताओ द्वारा पौ फटते ही खनन क्षेत्र में प्रवेश कर परियोजना के जीरो पॉइंट को बाधित कर प्रेषण कार्य में लगे टिपरो को रोक दिया। 

वहीं फेडरेशन के कुछ नेताओं ने खनन कार्य को बाधित करने की कोशिश की, मगर वहां पहले से मुस्तैद पुलिस बल  ने सभी को हिरासत में ले लिया। इसदौरान फरक्का और कहलगांव को जाने वाली कोयले की दूसरी खेप भी बंद से प्रभावित हुई।

ट्रेड यूनियनों की मांग क्या है?

जिन ट्रेड यूनियन ने भारत बंद बुलाया है, उनका दावा है कि -
  •  केंद्र सरकार की ओर आर्थिक और जन विरोधी नीतियों को लागू किया जा रहा है। 
  • इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे लेबर लॉ का भी विरोध किया जा रहा है। 
  • स्टूडेंट यूनियन की ओर से शिक्षण संस्थानों में फीस बढ़ाने का विरोध किया जा रहा है।
  • यूनियन की मांग है कि केंद्र सरकार का कर्मचारियों से बातकर नीतियों को आगे बनाना चाहिए।
  • यूनियन की तरफ से 13 प्वाइंट की मांग रखी गई हैं।  जिनमें आम लोगों की जरूरत वाली चीजों के बढ़ते दाम को काबू करना भी शामिल है। 
  • पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम, बेरोजगारी, महंगाई पर काबू पाने के लिए नीति बनाना।
  • इसके अलावा जो मुख्य मांग है कि मजदूरों की तन्ख्वाह बढ़ाना, इस मांग को काफी लंबे समय से रखा जा रहा है. यूनियन की मांग है कि यूनियन मजदूरों की न्यूनतम तन्ख्वाह 21 हजार रुपये प्रति माह होनी चाहिए।
यूनियन की कुछ और मांगें...

  • सोशल हेल्थ सर्विस में खुद को शामिल करना
  • मजदूरों को मिड डे मील मिलना
  • 6000 रुपये की न्यूनतम पेंशन
  • पब्लिक सेक्टर बैंक के मर्जर का विरोध

इधर  बीएमएस पर फेडरेशन नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप

 बंद से अलग रही बीएमएस के नेताओ पर झारखंड मजदूर कोलियरी संघ एवं एटक के नेताओं  ने गिरफ्तारी के बाद गंभीर आरोप लगाया। जेएमकेएस  ने स्थानीय बीएमएस नेता पर गुंडा तत्व को भेजकर बंद को असफल करने का आरोप लगया। 

इंटक नेता रामस्वरूप ने भी बीएमएस  को कटघरे में लेकर शान्तिपूर्ण बंद को अशांत करने और बंद समर्थक मजदूरों को धमकाने का आरोप लगाया।

इधर बीएमएस के बी के राय एवं अंगद उपाध्याय ने पलटवार करते हुए फेडरेशन के नेताओ पर खुद ड्यूटी करने और कार्यकर्ताओं को बंद में भेजे जाने की बात बतलाई। 

-  ग्राम समाचार महागामा  (गोड्डा)।
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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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