ग्राम समाचार,कहलगांव(भागलपुर)। सन्हौला प्रखंड के सिलहन खजुरिया पंचायत के बेलडीहा गांव के पूर्व मुखिया आशा देवी के आवासीय परिसर में मंगलवार को मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर एक दिवसीय संतमत सत्संग का आयोजन किया गया।
सत्संग के दौरान श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। पंडाल के अलावे श्रद्धालु खुले मैदान व सड़कों के किनारे खड़े होकर प्रवचन सुन रहे थे। ध्यानाभ्यास से सत्संग प्रारंभ हुआ। सायंकालीन सत्र में आयोजित भजन कीर्तन, सदग्रंथ पाठ व प्रवचन कार्यक्रम मैं प्रवचन कर्ता सुबोधानंद जी महाराज, साध्वी रेखा एवं अन्य महात्मा गण के द्वारा प्रवचन दिया गया। दो सत्रों में आयोजित समारोह के दौरान स्वामी सुबोधानंद जी महाराज ने कहा कि जो अपने धर्म का पालन नहीं करता वह मनुष्य नहीं। बोले कि दुख किसी को प्रिय नहीं होता, दुख आने पर लोग अपने पास मौजूद साधन से उसे दूर करने का प्रयास करता है, फिर भी सुख और दुख का चक्र जीवन में चलता ही रहता है। अन्य महात्माओं ने भी सभी दुखों और कष्टों के निवारण का एक ही उपाय प्रभु भक्ति पर जोर दिया। सत्संग में आसपास के ग्रामीणों एवं सर्व धर्म समन्वय का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। भीड़ इतनी थी कि सत्संग स्थल पर बनाया गया पंडाल भी छोटा पड़ गया। धार्मिक जय-जयकार से पूरा बेलडीहा गुंजायमान हो उठा। यहां सिलहन खजुरिया पंचायत के बेलडीहा गांव के पूर्व मुखिया आशा देवी एवं मुखिया प्रतिनिधि निरंजन पासवान के द्वारा भक्तों के ठहराव, भोजन, पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई थी।
सत्संग के दौरान श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। पंडाल के अलावे श्रद्धालु खुले मैदान व सड़कों के किनारे खड़े होकर प्रवचन सुन रहे थे। ध्यानाभ्यास से सत्संग प्रारंभ हुआ। सायंकालीन सत्र में आयोजित भजन कीर्तन, सदग्रंथ पाठ व प्रवचन कार्यक्रम मैं प्रवचन कर्ता सुबोधानंद जी महाराज, साध्वी रेखा एवं अन्य महात्मा गण के द्वारा प्रवचन दिया गया। दो सत्रों में आयोजित समारोह के दौरान स्वामी सुबोधानंद जी महाराज ने कहा कि जो अपने धर्म का पालन नहीं करता वह मनुष्य नहीं। बोले कि दुख किसी को प्रिय नहीं होता, दुख आने पर लोग अपने पास मौजूद साधन से उसे दूर करने का प्रयास करता है, फिर भी सुख और दुख का चक्र जीवन में चलता ही रहता है। अन्य महात्माओं ने भी सभी दुखों और कष्टों के निवारण का एक ही उपाय प्रभु भक्ति पर जोर दिया। सत्संग में आसपास के ग्रामीणों एवं सर्व धर्म समन्वय का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। भीड़ इतनी थी कि सत्संग स्थल पर बनाया गया पंडाल भी छोटा पड़ गया। धार्मिक जय-जयकार से पूरा बेलडीहा गुंजायमान हो उठा। यहां सिलहन खजुरिया पंचायत के बेलडीहा गांव के पूर्व मुखिया आशा देवी एवं मुखिया प्रतिनिधि निरंजन पासवान के द्वारा भक्तों के ठहराव, भोजन, पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई थी।
-बिजय शंकर,ग्राम समाचार(भागलपुर)।

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