शहर में लगातार आ रही सीवर ओवरफ्लो एवं ब्लॉकेज की शिकायतों का मुख्य कारण यह पाया गया है कि अधिकांश क्षेत्रों में नालियों एवं नालों पर जालियां (Screens) नहीं लगी हुई हैं तथा कई स्थानों पर नालियां सीधे सीवर लाइनों से जुड़ी हुई हैं। इसके कारण पॉलीथिन, प्लास्टिक की बोतलें, जूट के बैग एवं अन्य ठोस कचरा सीधे सीवर नेटवर्क में पहुंच रहा है, जिससे बार-बार सीवर लाइनें जाम हो रही हैं और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संलग्न फोटो नई आबादी क्षेत्र एवं कृष्णा नगर (लवली वाली गली) की सीवरेज व्यवस्था की हैं, जहां भारी मात्रा में ठोस कचरा सीवर लाइनों में पाया गया है। इस विषय में कुछ दिन पूर्व भी म्युनिसिपल कमेटी अधिकारियों को अवगत कराया गया था।
इसी प्रकार दिल्ली गेट, सूकरपुरा, घंटेश्वर मंदिर एवं भूत बाजार क्षेत्र में भी नालियों/नालों पर आवश्यक जालियां नहीं लगी हुई हैं, जिसके कारण ठोस कचरा सीधे सीवर सिस्टम में प्रवेश कर रहा है।
चेयरमैन एवं म्युनिसिपल कमेटी अधिकारियों से अनुरोध है कि बरसात के मौसम से पूर्व पूरे शहर में नालियों एवं नालों पर आवश्यक जालियां प्राथमिकता के आधार पर लगवाई जाएं, ताकि सीवर ओवरफ्लो एवं ब्लॉकेज की शिकायतों को न्यूनतम किया जा सके और आम जनता को राहत मिल सके. अन्यथा प्रत्येक वर्ष की भांति हर बारिश में सीवरेज नेटवर्क बार-बार ब्लॉक होता रहेगा तथा जनता को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।




0 comments:
एक टिप्पणी भेजें