रेवाड़ी के मोहल्ला गुर्जरवाड़ा स्थित डेढ़ सौ वर्ष प्राचीन श्री नगरकोट (कांगड़ा) वाली माता मंदिर में रविवार को शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर भव्य कलश यात्रा श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुई। इस धार्मिक आयोजन में महिला श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ढोल-ताशों की गूँज और डीजे पर नगरकोट (कांगड़ा) वाली माँ वज्रेश्वरी देवी तथा शेरावाली माँ के भक्तिमय भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। मंदिर के बुजुर्ग श्रद्धालुओं के अनुसार उनके जीवनकाल में इस डेढ़ सौ वर्ष प्राचीन मंदिर में पहली बार कलश यात्रा का आयोजन हुआ। इस कारण यह धार्मिक आयोजन मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर विशेष आस्था, उत्साह और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बना।
कलश यात्रा प्रातः 9:15 बजे बड़ा तालाब स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के निकट, शिव मंदिर के पास से प्रारंभ हुई। यात्रा हनुमान मंदिर बड़ा तालाब, अग्रसेन चौक, भाड़ावास गेट, दुर्गा मंदिर बारा हजारी तथा गुर्जरवाड़ा पोसवाल चौक से होते हुए श्री नगरकोट (कांगड़ा) वाली माता मंदिर पहुँची। यात्रा के दौरान ढोल-ताशों की गूँज और डीजे पर माँ कांगड़ा देवी एवं शेरावाली माँ के भजनों ने श्रद्धालुओं में भक्तिभाव और उत्साह का संचार किया। माता रानी के जयकारों के बीच महिला श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव से कलश यात्रा में सहभागिता निभाई। इस पावन धार्मिक आयोजन में देवी, कृष्णा देवी, चंद्र, निशा, लक्ष्मी, तनु, सुमन, निशा अग्रवाल, सविता गुप्ता, रजनी सिंगल, मुकेश, मंजू, कश्मीरी, कविता, मीणा, गीत, देवी, लक्ष्मी, शीला, रेखा, विद्या, ज्योति, सुनीता, मीना, सरिता सहित अन्य महिला श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
मंदिर पहुँचने पर पंडित चंद्रकांत गौड़ के मार्गदर्शन में विधि-विधान के साथ कलश स्थापना एवं पूजा-अर्चना संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। कलश स्थापना के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए माता रानी के प्रसाद की व्यवस्था की गई। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में मंदिर समिति के अध्यक्ष रविंद्र अग्रवाल और ललित अग्रवाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंदिर समिति की ओर से निशा अग्रवाल और सविता गुप्ता ने भी कलश यात्रा में भाग लेकर आयोजन की शोभा बढ़ाई। समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं के सामूहिक सहयोग से कलश यात्रा एवं कलश स्थापना का कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
मंदिर समिति ने सभी महिला श्रद्धालुओं, ढोल-ताशा पार्टी तथा आयोजन में सहयोग देने वाले सभी भक्तों का आभार व्यक्त किया। समिति ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन मंदिर की प्राचीन परंपराओं को आगे बढ़ाने, नई पीढ़ी को धार्मिक विरासत से जोड़ने तथा समाज में एकता, सेवा और भक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समिति ने भविष्य में भी मंदिर में धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को माता रानी के दरबार से जोड़ने का संकल्प व्यक्त किया।
कलश यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने तथा पूरी यात्रा में सहयोग प्रदान करने के लिए मंदिर समिति ने पुलिस चौकी भाड़ावास के समस्त पुलिसकर्मियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। कलश यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों ने यातायात व्यवस्था संभालने, श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने तथा यात्रा को व्यवस्थित रूप से संपन्न करवाने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। पुलिस प्रशासन के इस सराहनीय सहयोग से श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिली और धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। मंदिर समिति ने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में पुलिस प्रशासन का सहयोग समाज में सुरक्षा, अनुशासन और आपसी विश्वास को मजबूत करता है।




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