भारतीय चिकित्सा संघ, हरियाणा द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय वार्षिक खेल प्रतियोगिता ‘स्पर्धा–2026’ में आईएमए रेवाड़ी के चिकित्सकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 8 पदक—4 स्वर्ण, 1 रजत और 3 कांस्य पदक अपने नाम किए। प्रतियोगिता का आयोजन 27 सितंबर 2026 को हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार में किया गया।
प्रतियोगिता में आईएमए रेवाड़ी के चिकित्सकों ने विभिन्न आयु वर्गों में पूरे उत्साह, जोश, अनुशासन और खेल भावना के साथ भाग लिया।
पदक विजेता चिकित्सक
🥇 बैडमिंटन, 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग
डॉ. एस.पी. यादव, डॉ. रमेश यादव एवं डॉ. ललित सक्सेना
🥇 बैडमिंटन, 45 वर्ष से कम आयु वर्ग
डॉ. मोक्ष अरोड़ा, डॉ. लोकेश एवं डॉ. रोहन
🥇 रिले दौड़, 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग
डॉ. एन.एस. यादव ,डॉ. रमेश यादव, डॉ. एस.पी. यादव एवं डॉ. ललित सक्सेना
🥇 लॉन टेनिस
डॉ. अनिमेष यादव
🥈 100 मीटर दौड़
डॉ. एन.एस. यादव
🥉 तैराकी
डॉ. एन.एस. यादव
🥉 मिश्रित युगल टेबल टेनिस
डॉ. मनीष कुमार एवं डॉ. मीनाक्षी यादव
🥉 टेबल टेनिस
डॉ. मनीष कुमार
इस उपलब्धि पर आईएमए रेवाड़ी की अध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने कहा कि खेल एक संपूर्ण और स्वस्थ व्यक्तित्व के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉक्टर अपने अत्यंत व्यस्त पेशेवर जीवन के कारण अक्सर खेलों के लिए समय नहीं निकाल पाते, लेकिन आईएमए रेवाड़ी ने चिकित्सकों को खेलों से जोड़ने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संकल्प लिया है।
डॉक्टर शिवरतन यादव ने कहा खेल ही स्वास्थ्य की सर्वोत्तम औषधि है।” खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि मानसिक मजबूती, आत्मविश्वास, अनुशासन, सकारात्मक सोच और टीम भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ चिकित्सक ही स्वस्थ समाज के निर्माण में बेहतर योगदान दे सकते हैं।
विजेता खिलाड़ियों के सम्मान में आईएमए रेवाड़ी द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में इस में प्रेसिडेंट डॉक्टर नीरज यादव ,मुख्य संरक्षक, डॉ. नीलम यादव, डॉ. पूनम यादव, स्पोर्ट्स चेयरमैन डॉ. कंचन यादव, डॉ. स्नेहा, डॉ. प्रशांत, डॉक्टर ए के सैफली सैनी डॉ. दीपक सहित आईएमए रेवाड़ी के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने विजेता खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।
‘स्पर्धा–2026’ में आईएमए रेवाड़ी की यह उपलब्धि केवल पदकों की जीत नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, खेल भावना, एकता और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश है। “उम्र कोई बाधा नहीं, जुनून हो तो हर उम्र में जीत संभव है।”









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