योग सेवा समिति, सेक्टर-3, रेवाड़ी का 12वाँ स्थापना दिवस समारोह रविवार को सामुदायिक केंद्र, सेक्टर-3 में हर्षोल्लास, उत्साह एवं भक्तिमय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सरिता चुघ ने किया। सर्वप्रथम गोपाल गोयल जी ने योग एवं प्राणायाम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है। इसके पश्चात कमलेश आर्या ने विभिन्न योगासनों का प्रदर्शन करते हुए उपस्थित योग साधकों को आसनों को सही तरीके से करने की विधि बताई। उनके प्रदर्शन ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
समारोह में मुख्य अतिथि समाजसेवी अनिल भार्गव का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया गया। योग सेवा समिति के प्रधान रमेश मित्तल जी ने मुख्य अतिथि का परिचय करवाया तथा समिति द्वारा पिछले 11 वर्षों से निरंतर संचालित योग एवं प्राणायाम की मुहिम के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर साधकों द्वारा योग सेवा समिति के प्रधान एवं समर्पित साधक शरमेश मित्तल जी का पुष्पमाला पहनाकर सम्मान किया गया।रमेश मित्तल जी ने समिति के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग सेवा समिति का उद्देश्य केवल शरीर को स्वस्थ रखना नहीं, बल्कि व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान और हृदय में प्रभु का स्मरण बनाए रखना भी है। उन्होंने कहा कि योग हमें शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक शांति, सकारात्मक सोच एवं आध्यात्मिक संतुलन प्रदान करता है।
इस अवसर पर पार्षद संतोष यादव जी का भी स्वागत किया गया। उन्होंने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास से शरीर के साथ-साथ मन भी स्वस्थ रहता है। योग व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता, अनुशासन एवं मानसिक संतुलन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
योग साधिका एवं राजकीय कन्या महाविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. रेखा गर्ग को भी आशीर्वाद देकर प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने एक योग साधिका के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि योग सेवा समिति द्वारा पिछले 11 वर्षों से निरंतर चलाई जा रही यह मुहिम केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य एवं जीवन-कौशल के विकास के लिए भी अत्यंत उपयोगी है।इसके बाद सरदार कृपाल सिंह ने अपने मधुर भजन की प्रस्तुति से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्री हंसराज पहलवानसिया जी ने भी अपने मधुर भजनों से कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में ऊर्जा एवं उत्साह का संचार किया।इसके पश्चात सुशीला देवी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन में परिस्थितियाँ कैसी भी हों, हमें हर परिस्थिति में सकारात्मक रहना चाहिए और मुस्कुराते हुए जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की शक्ति देता है।
इस अवसर पर पत्रकार महेश वैद्य जी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सबसे पहले स्वयं को पहचानना चाहिए तथा अपनी क्षमताओं एवं आंतरिक शक्ति को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें विवेकपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हुए सभी प्रकार के अंधविश्वासों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने योग को आत्म-जागरूकता, सकारात्मक सोच एवं मानसिक संतुलन विकसित करने का प्रभावी माध्यम बताया।
मुख्य अतिथि अनिल भार्गव ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है। उन्होंने योग सेवा समिति की निरंतर सेवाओं की सराहना करते हुए समिति को स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं और सभी से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नियमित योग एवं प्राणायाम से व्यक्ति अपने शरीर और मन को स्वस्थ रखने के साथ-साथ जीवन में अनुशासन, शांति एवं सकारात्मकता ला सकता है।
समारोह में श्री बलजीत सिंह, पूर्व पार्षद श्राजेंद्र सिंघल, सुरेश अग्रवाल, चौधरी शीशराम, धर्मपाल यादव, करण सिंह, सतरूप शर्मा, दिनेश यादव, सर्वसुख जी, श्री रामकरण, नरेश चुघ, महेश शर्मा, मुरारीलाल शर्मा, डॉ. महेश नारंग, ईश्वर धनिया वाले, गोपाल दहिना वाले, महेश अग्रवाल, लक्ष्या गर्ग, श्रामनिवास गर्ग, राजू गुप्ता, नवीन गोयल, महेंद्र मित्तल, अशोक यादव, नरेश शर्मा, ऑडिटर साहब, सूबेदार शिव नारायण, मास्टर कृष्ण, डॉ. कंवर सिंह, श्री रामकिशन, भरत चौधरी, चंदन सिंह, चंद्रप्रकाश, श्राजेश, राज अरोड़ा, श्रीमती कलावती, सुनीता यादव, ज्योति अदलखा, गीतांजलि, तुषारिका, सविता झाँब, श्कंचन खनेजा, कला चक्रवर्ती एवं देवरानी सहित अनेक गणमान्य नागरिक, मातृशक्ति एवं योग साधक उपस्थित रहे।
समारोह के अंत में शिक्षाविद डॉ नवीन अदलखा ने सभी अतिथियों, योग साधकों, समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं उपस्थित जनसमुदाय का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों के प्रति कृतज्ञता प्रकट की।
समारोह का समापन सकारात्मकता, स्वास्थ्य एवं आध्यात्मिक चेतना के संदेश के साथ हुआ। कार्यक्रम ने योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार बनाने तथा समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता का संदेश दिया।


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