Bhagalpur News:गुरुदेव श्री श्री रविशंकर से सज्जादा नशीन सैयद शाह फखरे आलम हसन की शिष्टाचार मुलाकात

प्रेम, सद्भावना और आध्यात्मिकता ही विश्व शांति का सशक्त मार्ग : सैयद शाह फखरे आलम हसन


ग्राम समाचार, भागलपुर। खानकाह पीर दमड़िया शाह, भागलपुर के सज्जादा नशीन सैयद शाह फखरे आलम हसन ने बेंगलुरु स्थित अंतरराष्ट्रीय आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर में विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी से शिष्टाचार मुलाकात की। यह मुलाकात अत्यंत आत्मीय, सौहार्दपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण में हुई। इस दौरान मानवता, आपसी प्रेम, सामाजिक सद्भाव, आध्यात्मिक मूल्यों तथा विश्व शांति से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के आमंत्रण पर सज्जादा नशीन सैयद शाह फखरे आलम हसन ने बेंगलुरु स्थित आश्रम में दो दिनों तक क़याम किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम के आध्यात्मिक एवं शांतिपूर्ण वातावरण, वहां संचालित विभिन्न गतिविधियों तथा कार्यक्रमों को निकट से देखा और अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर सज्जादा नशीन ने कहा कि गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी द्वारा स्थापित आर्ट ऑफ लिविंग का सेवा एवं आध्यात्मिकता का संदेश आज भारत की सीमाओं से आगे बढ़कर विश्व के लगभग 182 देशों तक पहुंच चुका है। संस्था के माध्यम से लोगों को तनावमुक्त एवं संतुलित जीवन जीने की कला सिखाने के साथ-साथ आध्यात्मिकता से जोड़कर उनके भीतर प्रेम, करुणा, सेवा, सद्भावना और मानवता के मूल्यों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “आध्यात्मिकता का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य को ईश्वर से जोड़ने के साथ-साथ उसे एक बेहतर इंसान बनाना है। जब मनुष्य के भीतर प्रेम, करुणा, भाईचारा, सेवा और सद्भावना पैदा होती है, तभी वह अपने समाज, देश और पूरी मानवता के लिए उपयोगी बनता है। गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी इसी उद्देश्य को लेकर निरंतर कार्य कर रहे हैं।” सैयद शाह फखरे आलम हसन ने कहा कि वर्तमान समय में भारत को प्रेम, आपसी विश्वास, सद्भावना और राष्ट्रीय एकता की पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है। विभिन्न धर्मों, जातियों, समुदायों और संस्कृतियों के लोगों के बीच विश्वास और भाईचारे को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। भारत की असली शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता और सदियों पुरानी साझा संस्कृति है। उन्होंने कहा कि धर्म और आध्यात्मिकता का संदेश मनुष्यों के बीच दीवारें खड़ी करना नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ना है। जब अलग-अलग धर्मों और परंपराओं के लोग एक-दूसरे का सम्मान करते हुए मानवता के साझा मूल्यों के लिए साथ खड़े होते हैं, तभी एक शांतिपूर्ण, समृद्ध और मजबूत राष्ट्र का निर्माण होता है। सज्जादा नशीन ने विश्व शांति, मानवीय एकता और आध्यात्मिक जागरूकता के लिए गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यदि प्रेम, शांति, करुणा और सद्भावना का यह मिशन इसी प्रकार निरंतर आगे बढ़ता रहा, तो भारत विश्व को शांति और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और भारत के विश्वगुरु बनने की संकल्पना को साकार करने में ऐसे प्रयास अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। इस अवसर पर सज्जादा नशीन सैयद शाह फखरे आलम हसन के साहबजादे सैयद साद हुसैनी भी उनके साथ उपस्थित रहे।

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Editor - Bijay shankar

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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