Rewari News :: NSFDC योजना से बावल की अनीता बनी परिवार के लिए आर्थिक संबल, ऋण से सम्मान तथा आत्मनिर्भरता से बनाई नई पहचान

रेवाड़ी की बावल निवासी अनीता आयु 35 वर्ष जो नफे सिंह की पत्नी हैं, ने अपने परिवार के लिए आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गई हैं। उनके परिवार में कुल पांच सदस्य हैं। उनके पति दिव्यांग होने के कारण परिवार की आय सीमित थी, जिससे आर्थिक तंगी के चलते दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी चुनौतीपूर्ण हो गया था। बावल निवासी अनीता ने बताया कि उन्हें हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम रेवाड़ी कार्यालय के माध्यम से एनएसएफडीसी योजना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने नवंबर 2025 में इस योजना के तहत किराना दुकान स्थापित करने के लिए एक लाख रुपए का ऋण प्राप्त किया। साथ ही, निगम की ओर से 50 हजार रुपए की सब्सिडी भी प्रदान की गई। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने अपनी किराना दुकान शुरू की जो आज उनके परिवार की आय का प्रमुख स्रोत बन चुकी है। इस आय से वह अपने दोनों बच्चों की शिक्षा का खर्च, जिसमें स्कूल फीस भी शामिल है, आसानी से वहन कर पा रही हैं। साथ ही, पांच सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण भी सुचारू रूप से हो रहा है।


अनीता का कहना है कि हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की   एनएसएफडीसी योजना से मिली सहायता ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है। आज उनका परिवार पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, आत्मनिर्भर और बेहतर जीवन की ओर अग्रसर है। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का सही समय पर लाभ उठाकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

*अनीता ने मुख्यमंत्री नायब सैनी का जताया आभार*

अनीता ने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से शुरू की गई इस योजना से मिली मदद से मेरे सपनों को नई दिशा मिली है। 

*योजना के लाभार्थियों को बैंक लोन में भी मिल रही सब्सिडी*

हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के जिला प्रबंधक पवन कुमार ने बताया कि निगम द्वारा योजना के तहत अनुसूचित जाति के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे बेरोजगारों को अपना स्वयं का रोजगार शुरू करने के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है। ऋण से अनुसूचित जाति परिवार पशुपालन, किराना दुकान, मनिहारी दुकान, ब्यूटी पार्लर, ई-रिक्शा या अन्य कोई कार्य कर सकते हैं। निगम द्वारा योजना के लाभार्थियों को कुल लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 10 हजार रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे व्यक्ति योजना के बारे में जानकारी के लिए हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के कार्यालय अनाज मंडी रेवाड़ी की दुकान नंबर 10 में संपर्क कर सकता है।

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Editor - राजेश शर्मा : रेवाड़ी (हरियाणा)

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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