रेवाड़ी के बावल विधानसभा क्षेत्र में आयोजित "खेत बचाओ" कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति के बावजूद गुरुग्राम से सांसद एवं केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का कार्यक्रम से दूरी बनाए रखना और उनके प्रभाव वाले क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी को उजागर करती है। यह केवल भाजपा का आंतरिक मामला नहीं, बल्कि दक्षिण हरियाणा की जनता के हितों से जुड़ा गंभीर विषय है।
पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री स्वयं दक्षिण हरियाणा आए थे। यह क्षेत्र के लिए बड़ी विकास परियोजनाओं, नई सौगातों और किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सरकार के सामने रखने का सुनहरा अवसर था। लेकिन राव इंद्रजीत सिंह स्वयं कार्यक्रम में नहीं पहुंचे और उनके प्रभाव वाले रेवाड़ी जिले के तीनों भाजपा विधायक—रेवाड़ी से लक्ष्मण यादव, कोसली से अनिल राव तथा बावल से डॉ. कृष्ण कुमार—भी कार्यक्रम से दूर रहे। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा की गुटबाजी अब खुलकर जनता के सामने आ चुकी है।
कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह का राजनीतिक इतिहास बताता है कि उनकी किसी भी मुख्यमंत्री के साथ लंबे समय तक नहीं बनी। कांग्रेस सरकार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल से उनके मतभेद रहे, बाद में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ भी उनके संबंध अच्छे नहीं रहे। भाजपा सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ भी टकराव की स्थिति बनी रही और अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ भी वही स्थिति दिखाई दे रही है। व्यक्तिगत अहंकार और गुटबाजी का खामियाजा दक्षिण हरियाणा की जनता भुगत रही है।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का विषय किसानों से जुड़ा था। यदि क्षेत्र के सांसद, विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता उपस्थित होते तो सिंचाई परियोजनाओं, नहरों के विस्तार, किसानों की आय बढ़ाने, फसलों के उचित दाम, ग्रामीण सड़कों, मंडियों के विकास तथा दक्षिण हरियाणा की अन्य प्रमुख समस्याओं को लेकर सरकार से ठोस घोषणाएं करवाई जा सकती थीं। लेकिन भाजपा की आपसी खींचतान ने किसानों और आम जनता के हितों को पीछे धकेल दिया।
कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि दक्षिण हरियाणा की जनता ने भाजपा को भरपूर समर्थन दिया। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा को बड़ी जीत दिलाई। जनता को उम्मीद थी कि अब दक्षिण हरियाणा को बड़ी विकास परियोजनाएं मिलेंगी, अधूरे पड़े कार्य पूरे होंगे और क्षेत्र के लिए नई सौगातों की घोषणा होगी। आज भी दक्षिण हरियाणा में अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य वर्षों से अधूरे पड़े हैं, जिनका शीघ्र पूरा होना आवश्यक है। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में इन सभी मांगों को मजबूती से उठाया जा सकता था, लेकिन जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति के कारण क्षेत्र एक बड़े अवसर से वंचित रह गया। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि अपने ही क्षेत्र के हितों के लिए सरकार के सामने मजबूती से आवाज़ नहीं उठाएंगे, तो सबसे बड़ा नुकसान दक्षिण हरियाणा की जनता और किसानों का होगा।
कैप्टन अजय सिंह यादव ने भाजपा नेतृत्व से मांग की कि इतने महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम से दूरी बनाने और पार्टी के भीतर खुलकर सामने आई गुटबाजी का संज्ञान लिया जाए। भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या व्यक्तिगत नाराज़गी जनता के हितों से बड़ी है। दक्षिण हरियाणा की जनता जानना चाहती है कि क्षेत्र के विकास, अधूरी परियोजनाओं और किसानों के मुद्दों की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा।

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