Rewari News :: विश्व हेपेटाइटिस दिवस – 2026 थीम: "Let's Break It Down – आओ इसे तोड़ते हैं" के साथ मनाया गया

विश्व हेपेटाइटिस दिवस प्रत्येक वर्ष 28 जुलाई को नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. बारूच ब्लंबरग के जन्मदिवस के अवसर पर मनाया जाता है। डॉ. ब्लंबरग ने वर्ष 1967 में हेपेटाइटिस-बी वायरस की खोज की तथा इसके टीके के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके इस अमूल्य योगदान के सम्मान में प्रतिवर्ष 28 जुलाई को यह दिवस मनाकर वायरल हेपेटाइटिस के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाता है। इस अवसर पर अभिषेक मीणा, उपायुक्त, रेवाड़ी तथा डॉ. नरेंद्र दहिया, सिविल सर्जन, रेवाड़ी के मार्गदर्शन में जिलेभर में जागरूकता रैलियां, स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रम, विशेष जांच शिविर एवं जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया।


डॉ. जोगेन्द्र तंवर, जिला नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (NVHCP), रेवाड़ी ने बताया कि हेपेटाइटिस एक "साइलेंट किलर" है। विशेष रूप से हेपेटाइटिस-बी एवं हेपेटाइटिस-सी संक्रमण लिवर सिरोसिस तथा लिवर कैंसर के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम "Let's Break It Down – आओ इसे तोड़ते हैं" का उद्देश्य जांच, उपचार, टीकाकरण तथा जागरूकता में आने वाली सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी बाधाओं को समाप्त करना है।


उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस के विभिन्न प्रकार एवं बचाव के उपाय निम्नलिखित हैं—

हेपेटाइटिस A एवं E दूषित भोजन एवं पानी के माध्यम से फैलता है। इससे बचाव के लिए स्वच्छ पानी का उपयोग करें, भोजन की स्वच्छता बनाए रखें तथा नियमित रूप से हाथ धोएं।

हेपेटाइटिस B असुरक्षित इंजेक्शन, संक्रमित रक्त चढ़ाने, असुरक्षित यौन संपर्क तथा संक्रमित मां से नवजात शिशु में फैल सकता है। इससे बचाव के लिए सुरक्षित एवं प्रभावी टीका उपलब्ध है।

हेपेटाइटिस C मुख्यतः संक्रमित रक्त के संपर्क से फैलता है। इसकी समय पर जांच एवं उपचार अत्यंत आवश्यक है।

विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (NVHCP), रेवाड़ी द्वारा High Risk Groups को लक्षित करते हुए विशेष जांच शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन जोखिम समूहों की समय पर पहचान एवं जांच से संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकता है तथा गंभीर जटिलताओं से बचाव संभव है।

High Risk Groups में विशेष रूप से निम्न व्यक्ति शामिल हैं—

बार-बार रक्त या रक्त उत्पाद प्राप्त करने वाले व्यक्ति।

डायलिसिस पर रहने वाले मरीज।

इंजेक्शन द्वारा नशा करने वाले व्यक्ति।

एचआईवी संक्रमित व्यक्ति।

संक्रमित व्यक्ति के परिवार के सदस्य एवं यौन साथी।

स्वास्थ्य कर्मी एवं अन्य जोखिम वाले व्यवसायों से जुड़े व्यक्ति।

रेवाड़ी जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों (उप-स्वास्थ्य केंद्र, PHC, CHC, SDH एवं जिला नागरिक अस्पताल) में उपलब्ध निःशुल्क सुविधाएं—

हेपेटाइटिस-बी एवं हेपेटाइटिस-सी की निःशुल्क जांच (HBsAg एवं Anti-HCV)

हेपेटाइटिस-बी का निःशुल्क टीकाकरण

राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (NVHCP) के अंतर्गत हेपेटाइटिस-बी एवं हेपेटाइटिस-सी का निःशुल्क उपचार

गोपनीय परामर्श, फॉलोअप एवं रेफरल सेवाएं


डॉ. नरेंद्र दहिया, सिविल सर्जन, रेवाड़ी ने जिलेवासियों, विशेषकर High Risk Groups से संबंधित व्यक्तियों से अपील की कि वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), उपमंडल नागरिक अस्पताल (SDH) अथवा जिला नागरिक अस्पताल में जाकर अपनी जांच अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और उपचार से हेपेटाइटिस-बी एवं हेपेटाइटिस-सी के दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है तथा हेपेटाइटिस-बी से टीकाकरण द्वारा प्रभावी सुरक्षा प्राप्त की जा सकती है।


नारे:

"जांच कराएं, टीका लगवाएं, लिवर बचाएं। आओ इसे तोड़ते हैं।"

"जोखिम है तो जांच जरूरी है। आओ इसे तोड़ते हैं।"

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Editor - राजेश शर्मा : रेवाड़ी (हरियाणा)

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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