ग्राम समाचार, संवाददाता: जामशेदपुर/जादूगोड़ा: यूसिल व परमाणु ऊर्जा शिक्षा सोसायटी मुंबई द्वारा संचालित परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय जादूगोड़ा की सभी यूनिटों में कक्षा छह से दसवीं तक ओलचिकी को पाठ्य क्रम में शामिल करने की मांग तेज हो गई है. इधर तुरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट के आहार घुटू में ग्राम प्रधान व अभिभावक संघ की बुधवार को आयोजित बैठक में यह मुद्दा छाया रहा। ग्रामीणों की मांग पर झामुमो नेता सह पूर्व जिला परिषद बाघराय मार्डी स्कूल प्रबंधन से परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय की जादूगोड़ा, नरवा पहाड़ व तुरामडीह विद्यालय में आदिवासी बच्चों के शैक्षणिक विकास को गति देने के लिए स्कूल के पाठ्य क्रम में ओलचिकी भाषा की पढ़ाई शुरू कराया अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी. इस बाबत झामुमो नेता बाघ राय मार्डी ने कहा जल्द ही यूसिल स्कूल प्रबंधन से मुलाकात कर मांग रखी जाएगी उन्होंने यूसिल प्रबंधन को सुझाव दिया है कि यह आदिवासी बहुल क्षेत्र है व यहां ओलचिकी भाषा बोलने वालों की संख्या ज्यादा है. झारखंड की ओलचिकी भाषा को संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल मान्यता प्राप्त भाषा का दर्जा प्राप्त है. स्कूल के पाठ्य क्रम में ओलचिकी को शामिल करने से विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में अहम योगदान करेगा।साथ ही आदिवासियों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण व संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा.
श्री कालीदास मुर्मू, जामशेदपुर।

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