Godda News: परिणाम सुधारने वालों को प्रोत्साहन नहीं, दंड मिला: शम्स परवेज़



  झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ, गोड्डा

आज दिनांक 05 जून 2026 को पूर्वाह्न 10:00 बजे झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ भवन, गुलजारबाग, कलाली रोड, गोड्डा में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष श्री मोहम्मद शम्स परवेज ने की।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, गोड्डा द्वारा विभिन्न विषयों में कथित खराब परीक्षा परिणाम का दोषारोपण करते हुए शिक्षकों के वेतन स्थगित किए जाने के निर्णय पर विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि यह निर्णय किसी भी दृष्टिकोण से न्यायोचित नहीं है। शिक्षकों ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष गोड्डा जिले का माध्यमिक परीक्षा परिणाम बेहतर रहा है। वर्ष 2025 में लगभग 91 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए थे, जबकि वर्ष 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 94 प्रतिशत से अधिक हो गया है। यह वृद्धि शिक्षकों के ईमानदार, समर्पित एवं सतत शैक्षणिक प्रयासों का परिणाम है। इसके बावजूद शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के बजाय उनका वेतन स्थगित करना उनके मनोबल को तोड़ने वाला कदम है।

बैठक में यह भी कहा गया कि गोड्डा जिले का परीक्षा परिणाम राज्य के कई अन्य जिलों से बेहतर है। वर्ष 2026 में गोड्डा जिले का परीक्षा परिणाम 94 प्रतिशत से अधिक रहा है, जबकि कोडरमा का 93 प्रतिशत, सिमडेगा का 92 प्रतिशत तथा गढ़वा, खूंटी एवं चतरा जिलों का परिणाम 91 प्रतिशत रहा है। इसके बावजूद इन जिलों में शिक्षकों के विरुद्ध वेतन स्थगन अथवा अन्य किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसी स्थिति में केवल गोड्डा जिले के शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई किया जाना भेदभावपूर्ण एवं अन्यायपूर्ण प्रतीत होता है।

बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत नहीं होने के पीछे अनेक व्यावहारिक एवं संरचनात्मक कारण हैं, जिनमें प्रमुख रूप से विद्यालयों में बच्चों की संख्या के अनुरूप आधारभूत संरचना का अभाव, शिक्षकों का अन्य विद्यालयों में प्रतिनियोजन, शिक्षकों को लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जाना, परीक्षा से लगभग दो माह पूर्व लगातार साप्ताहिक एवं मॉडल टेस्ट आयोजित किए जाने के कारण पाठ्यक्रम पूर्ण नहीं हो पाना तथा कठिन विषयों की समुचित तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलना, स्वीकृत पदों के अनुरूप शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होना, एक ही शिक्षक द्वारा कई विषयों का अध्यापन कराना तथा उच्च विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति नहीं होने के कारण सहायक शिक्षकों पर अतिरिक्त प्रशासनिक दायित्व का बोझ शामिल हैं।

वक्ताओं ने कहा कि यदि परीक्षा परिणाम में और सुधार लाना है तो शिक्षकों पर दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय शिक्षक संगठनों के साथ समीक्षात्मक बैठक कर समस्याओं का समाधान खोजा जाना चाहिए तथा सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सहयोगात्मक एवं सकारात्मक वातावरण का निर्माण आवश्यक है।

संघ के जिला अध्यक्ष श्री मोहम्मद शम्स परवेज ने कहा कि शिक्षकों का वेतन अविलंब भुगतान किया जाना चाहिए, क्योंकि शिक्षकों एवं उनके परिवारों की आजीविका वेतन पर निर्भर करती है। समय पर वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों का मनोबल प्रभावित होता है तथा इसका प्रतिकूल प्रभाव विद्यार्थियों की शिक्षा पर भी पड़ता है।

संघ ने मांग की कि शिक्षकों का स्थगित वेतन तत्काल निर्गत किया जाए तथा भविष्य में ऐसी दंडात्मक कार्रवाई करने से पूर्व शिक्षक संगठनों से विमर्श किया जाए। अन्यथा शिक्षक समुदाय बाध्य होकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन का मार्ग अपनाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।बैठक में जिला उपाध्यक्ष श्री बजरंग प्रसाद, वरीय शिक्षक श्री भक्ति सुमन मंडल, श्री संजय कुमार सक्सेना, श्री बलदेव शाह, श्री अवध ठाकुर, शिक्षक श्री गंगेश कुमार गुंजन, श्री मोहम्मद कासिम, श्री शशिकांत कुमार, श्री शिवपूजन रविदास, श्री असीम चौधरी, श्री दिनेश बेसरा सहित विभिन्न प्रखंडों से आए प्रखंड अध्यक्ष, सचिव एवं अन्य शिक्षकगण उपस्थित थे।

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Editor - ग्राम समाचार गोड्डा

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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