ग्राम समाचार, भागलपुर। भागलपुर के मानिकपुर स्थित शरण्य मानवाधिकार कार्यालय में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। जहां वारसलीगंज के दो परिवारों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद का आपसी समझौते के जरिए समाधान कराया गया। बताया जा रहा है कि दोनों परिवारों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि मामला बबरगंज थाना तक पहुंच गया था। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। बबरगंज थाना में कांड संख्या 116/26 और 114/26 दर्ज है। वहीं शनिवार को शरण्य मानवाधिकार कार्यालय में दोनों पक्षों की मौजूदगी में बातचीत के बाद विवाद खत्म करने पर सहमति बनी। प्रथम पक्ष की चांदनी देवी और द्वितीय पक्ष की अनीता देवी के परिवार ने आपसी सहमति से लिखित समझौता किया और भविष्य में मिलजुल कर रहने का संकल्प लिया। दोनों परिवारों ने समाज, मीडिया और प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अब उनके बीच कोई मतभेद नहीं रहेगा और वे आपसी भाईचारे के साथ जीवन व्यतीत करेंगे। साथ ही न्यायालय में उपस्थित होकर अपने-अपने मामलों को वापस लेने की बात कही। इस मौके पर शरण्य मानवाधिकार संस्था की जिला महिला अध्यक्ष वर्षा प्रीति, अध्यक्ष डॉ. ईशांत सिन्हा, मीडिया प्रभारी मनीष राम सहित संस्था के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। संस्था के पदाधिकारियों ने दोनों परिवारों के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि समाज में आपसी विवाद को बातचीत और समझदारी से खत्म किया जा सकता है। यह पहल समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है।
Bhagalpur News:दो परिवारों के विवाद का हुआ सुखद अंत, समझौते से कायम हुआ भाईचारा
ग्राम समाचार, भागलपुर। भागलपुर के मानिकपुर स्थित शरण्य मानवाधिकार कार्यालय में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। जहां वारसलीगंज के दो परिवारों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद का आपसी समझौते के जरिए समाधान कराया गया। बताया जा रहा है कि दोनों परिवारों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि मामला बबरगंज थाना तक पहुंच गया था। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। बबरगंज थाना में कांड संख्या 116/26 और 114/26 दर्ज है। वहीं शनिवार को शरण्य मानवाधिकार कार्यालय में दोनों पक्षों की मौजूदगी में बातचीत के बाद विवाद खत्म करने पर सहमति बनी। प्रथम पक्ष की चांदनी देवी और द्वितीय पक्ष की अनीता देवी के परिवार ने आपसी सहमति से लिखित समझौता किया और भविष्य में मिलजुल कर रहने का संकल्प लिया। दोनों परिवारों ने समाज, मीडिया और प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अब उनके बीच कोई मतभेद नहीं रहेगा और वे आपसी भाईचारे के साथ जीवन व्यतीत करेंगे। साथ ही न्यायालय में उपस्थित होकर अपने-अपने मामलों को वापस लेने की बात कही। इस मौके पर शरण्य मानवाधिकार संस्था की जिला महिला अध्यक्ष वर्षा प्रीति, अध्यक्ष डॉ. ईशांत सिन्हा, मीडिया प्रभारी मनीष राम सहित संस्था के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। संस्था के पदाधिकारियों ने दोनों परिवारों के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि समाज में आपसी विवाद को बातचीत और समझदारी से खत्म किया जा सकता है। यह पहल समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है।

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