रेवाड़ी में योग सेवा समिति, सेक्टर-3 द्वारा हरियाणा योग आयोग एवं आयुष विभाग, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में रविवार प्रातः 6:00 बजे कम्युनिटी सेंटर, सेक्टर-3, रेवाड़ी में निःशुल्क योग कक्षा एवं जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री मोहित जैन प्रधान, जैन पब्लिक स्कूल, रेवाड़ी के स्वागत एवं अभिनंदन के साथ हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने सभी उपस्थित जनों को नियमित योगाभ्यास करने तथा योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया। योग सेवा समिति के प्रधान श्री रमेश मित्तल एवं वरिष्ठ योग साधक सरदार कपाल सिंह जी द्वारा मंत्र योग के साथ योग सत्र का शुभारंभ कराया गया। उन्होंने उपस्थित साधकों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा योग की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा बताया कि योग स्वस्थ, सुखी एवं संतुलित जीवन का आधार है। मुख्य वक्ता श्री बी. डी. यादव ने योग एवं आयुर्वेद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि स्वस्थ एवं प्रसन्न जीवन के लिए प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली अपनाना आवश्यक है। उन्होंने जीवन के पाँच महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर बल देते हुए कहा कि हमें ऋतु के अनुसार आहार-विहार करना चाहिए, मिताहार अपनाना चाहिए, पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण नींद लेनी चाहिए, प्रकृति से जुड़े रहना चाहिए तथा ब्रह्मचर्य एवं संयम का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीन भारतीय जीवन-पद्धति ही स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन का आधार है।
इस अवसर पर पूर्व पुलिस अधीक्षक श्री सर्वसुख यादव ने संयमित एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि भौतिक सुख-सुविधाएँ जीवन का अंतिम लक्ष्य अथवा वास्तविक सुख नहीं हैं। वास्तविक आनंद एवं संतुष्टि योगमय जीवनशैली अपनाने से प्राप्त होती है। उन्होंने सभी उपस्थित जनों को योग के सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन का समापन उन्होंने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की पंक्तियों के माध्यम से किया। कार्यक्रम में श्रीमती ज्योति अदलखा ने अपनी स्वरचित कविता के माध्यम से योग के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि आज योग एक वैश्विक जनआंदोलन बन चुका है तथा प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं योग करने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों एवं पड़ोसियों को भी योग से जोड़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से हम अनेक रोगों से बच सकते हैं तथा स्वस्थ एवं सुखी जीवन व्यतीत कर सकते हैं।
कार्यक्रम में एक बालिका ने आकर्षक योगासनों एवं उत्कृष्ट योग प्रदर्शन के माध्यम से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उसकी प्रभावशाली प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। बालिका ने योग के प्रति अपनी रुचि प्रदर्शित करते हुए सभी से योग अपनाने तथा स्वस्थ जीवन की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। अपने संबोधन में योग सेवा समिति के प्रधान श्री रमेश मित्तल ने नियमित योगाभ्यास, मन की शुद्धता, चित्त की एकाग्रता, चेहरे पर सदैव मुस्कान, प्रभु स्मरण, संतुलित एवं मिताहार तथा नियमित योग कक्षाओं में सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित एवं आनंदमय जीवन जीने की संपूर्ण जीवन-पद्धति है। उन्होंने अपने 31 वर्षों की योग साधना एवं सेवा-यात्रा के अनुभव साझा करते हुए इस यात्रा को अपने योगाचार्य गुरु को समर्पित किया। उन्होंने बताया कि योग सेवा समिति पिछले कई वर्षों से योग जागरूकता के प्रसार हेतु निरंतर कार्य कर रही है। समिति में प्रतिदिन प्रार्थना, वंदना, योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का नियमित अभ्यास कराया जाता है तथा वर्ष के 365 दिनों तक योग कक्षाओं का संचालन कर समाज को स्वस्थ एवं योगमय बनाने का प्रयास किया जाता है।
योग सत्र का संचालन डॉ. रेखा गर्ग, सहायक आचार्य (अंग्रेजी), राजकीय कन्या महाविद्यालय, रेवाड़ी द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए कहा कि हमें अपनी खुशियों की चाबी किसी अन्य व्यक्ति को नहीं सौंपनी चाहिए। यदि हम अपने विचारों एवं भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रख सकते, तो हम अपने जीवन के स्वामी नहीं बन सकते। योग हमें अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानने तथा जीवन को सकारात्मक दिशा देने की प्रेरणा देता है। उन्होंने महर्षि पतंजलि के योगसूत्र “योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः” का उल्लेख करते हुए बताया कि योग चित्त की समस्त वृत्तियों के निरोध का मार्ग है। योग के माध्यम से मनुष्य अपने मन, विचारों एवं भावनाओं को संतुलित कर आत्मिक शांति, संतोष एवं आनंद प्राप्त कर सकता है। अंत में विश्व कल्याण एवं सर्वजन मंगल की कामना के साथ शांति पाठ किया गया तथा योग प्रशिक्षिकाओं, अतिथिगण, साधकों, मातृशक्ति, बच्चों एवं सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर श्री बलजीत यादव, पूर्व पार्षद श्री राजेन्द्र सिंघल, श्री मुरारी लाल शर्मा, श्री ईश्वर जी (डहीना वाले), डॉ. नवीन अदलखा, श्री चंदन सिंह, श्री शिव नारायण जी, श्रीमती सविता झाम्ब, श्री राज अरोड़ा, श्रीमती सुनीता यादव, श्रीमती कंचन, श्रीमती मोहिनी, श्रीमती सुशीला यादव, श्रीमती निर्मल, लक्ष्य गर्ग, श्री अमित गर्ग, श्री कर्ण सिंह तथा श्रीमती प्रभा अग्रवाल, श्री रामनिवास अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में साधक, मातृशक्ति एवं बच्चे उपस्थित रहे। योग सेवा समिति ने नगरवासियों से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने तथा आगामी योग कार्यक्रमों में अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।



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