विश्व शांति एवं मंगलकामना के लिए धुना तपस्या का शुभारंभ। रेवाड़ी के ऐतिहासिक काली माता मंदिर संत फकीर धाम सराय बलभद्र में पागल गुरु महाराज के सानिध्य में महंत बाबा अभय सिंह गिरी महाराज ने पांच दिवसीय पंच धूना तपस्या प्रारंभ की।
विश्व शांति एवं मंगलकामना को लेकर भीषण एवं तपती गर्मी में रेवाड़ी के ऐतिहासिक काली माता मंदिर संत फकीर धाम सराय बलभद्र में आज से पांच दिवसीय पंच धूना तपस्या शुरू हो गई है। मंदिर के मंहत बाबा अभय सिंह गिरी महाराज ने बताया कि अधिमास में बालाजी आश्रम हरीनगर में उनके गुरु पागल गिरी महाराज के सानिध्य में 21 दिनी धूनी तपस्या की जा रही है। वहीं आज शनिवार से रेवाड़ी के ऐतिहासिक काली माता मंदिर संत फकीर धाम सराय बलभद्र में भी धुना तपस्या का शुभारंभ किया गया जिसमें आसपास के सैकड़ों लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। धुना तपस्या के दौरान श्रद्धालुओं ने परिक्रमा भी लगाई। धुना तपस्या के मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे बाबा पागल गुरु महाराज का फूलमाला पहनाकर अभिनंदन किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि तप और साधना भारतीय संस्कृति की महान परंपरा रही है। प्राचीन काल से ऋषि-मुनि एवं संत समाज कल्याण और विश्व शांति के लिए कठोर तपस्या करते आए हैं। उन्होंने कहा कि बाबा अभय सिंह महाराज की यह तपस्या भी उसी परंपरा की प्रेरणादायक कड़ी है। उन्होंने बताया कि यह तपस्या लगातार पांच दिनों तक चलेगी। प्रतिदिन दोपहर एक बजे से सवा दो बजे तक सवा घंटे बाबा पंच धूनियों के मध्य बैठकर साधना करेंगे।
यह तपस्या 23 मई से 27 मई तक चलेगी तथा छठे दिन 28 मई को तपस्या का समापन होगा। इस अवसर पर सुबह हवन यज्ञ एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आपको बता दें कि रेवाड़ी का ऐतिहासिक काली माता मंदिर संत फकीर धाम सराय बलभद्र वह पवित्र स्थान है जहां भगवान बलराम जी का विवाह हुआ था और इस स्थान पर बारात रुकी थी। बलराम जी का विवाह रेवती के साथ हुआ था उन्हीं के नाम पर रेवाड़ी का नाम रेवती से रेवाड़ी पड़ा था।
विश्व शांति एवं समृद्धि के लिए इस पवित्र स्थान पर तपती गर्मी में अग्नि के आगे बैठकर बाबा अभय सिंह गिरी महाराज द्वारा धुना तपस्या की जा रही है।




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