Bhagalpur News:सैयद हसन का तजाकिस्तान दौरा
ग्राम समाचार, भागलपुर। शिक्षा और अच्छे संस्कार वह महान शक्ति हैं, जिनसे क़ौमों और देशों की तक़दीर बदल जाती है। अल्लाह के करम और फजल से इन दिनों हमारा क़ियाम दुशांबे में है। जहाँ तीन दिवसीय शैक्षिक एवं वैचारिक यात्रा के दौरान विभिन्न शिक्षण संस्थानों के निरीक्षण और मुलाक़ात का अवसर प्राप्त हुआ। उक्त बातें शनिवार को खानकाह पीर दमड़िया के सज्जादानशीन सैयद फखरे आलम हसन एक प्रेस बयान जारी कर कही। उन्होंने कहा कि दुशांबे की एक प्रतिष्ठित मेडिकल यूनिवर्सिटी का दौरा किया, जहाँ शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने जनाब इंजीनियर अब्दुल क़दीर साहब की सरपरस्ती में सहयोग के आधार पर मेडिकल कॉलेज संचालित किया है। यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि शाहीन ग्रुप ने जिस प्रकार भारत में शिक्षा की मशाल रोशन की है और हज़ारों विद्यार्थियों को मेडिकल तथा आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, उसी प्रकार अब मध्य एशिया के ऐतिहासिक देश ताजिकिस्तान में भी मेडिकल साइंस की रोशनी फैला रहा है। विश्वविद्यालय के दौरे के दौरान शाहीन ग्रुप और ताजिकिस्तान प्रशासन की ओर से गर्मजोशी से स्वागत किया गया। जानकारी मिली कि पिछले वर्ष भारत से लगभग 224 विद्यार्थी यहाँ मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने आए हैं, जहाँ उन्हें उच्च स्तरीय शिक्षा के साथ शांतिपूर्ण, सुरक्षित और उत्कृष्ट वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। शाहीन ग्रुप ने भारतीय शैक्षिक एवं सांस्कृतिक वातावरण को यहाँ जीवित रखा है और विद्यार्थियों की निगरानी, चरित्र निर्माण तथा प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हमें आशा है कि यहाँ से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी भविष्य में अपने परिवार, अपने क्षेत्र और पूरे देश का नाम रोशन करेंगे, समाज और मानवता की सेवा करेंगे तथा विश्वभर में विशेष रूप से मध्य एशिया में भारत की सकारात्मक पहचान प्रस्तुत करेंगे। इससे दोनों देशों के बीच प्रेम, सांस्कृतिक संबंध और आपसी सहयोग और अधिक मज़बूत होगा। उन्होंने कहा कि ताजिकिस्तान के लोग अत्यंत विनम्र, सरल हृदय और मेहमाननवाज़ हैं। ऐसे उत्कृष्ट वातावरण में उच्च शिक्षा, विशेष रूप से मेडिकल शिक्षा के अवसर मिलना वास्तव में गर्व और प्रसन्नता की बात है। हम दिल की गहराइयों से जनाब इंजीनियर अब्दुल क़दीर साहब, उनके साथियों और ग्रुप को मुबारकबाद पेश करते हैं कि उन्होंने न केवल भारत बल्कि विदेशों में भी शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है।

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