रेवाड़ी जिला के गांव सुमा खेड़ा निवासी वृद्धजन खजानी देवी अपने नाबालिक पौत्र वंश का नाम परिवार पहचान पत्र में जुड़वाने ओर पौत्र की पेंशन बनवाने के लिय पिछले 3 वर्षों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रही है, परंतु वृद्धजन खजानी देवी के दर्द को किसी अधिकारी ने समझने की कोशिश नहीं की। खजानी देवी के पति का स्वर्गवास काफी समय पहले हो गया था, ओर वर्ष 2023 में पुत्र का भी स्वर्गवास हो गया, पुत्र की मृत्यु के खुद दिन बाद ही पुत्र वधु अपने नाबालिक पुत्र यानी खजानी देवी के पौत्र वंश को छोड़कर चली गई जिसके बाद आज तक वापिस नहीं आई।
खजानी देवी अपने नाबालिक पौत्र का नाम परिवार पहचान पत्र में जुड़वाने के लिय ओर पेंशन बनवाने के लिय पिछले 3 वर्षों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रही है परंतु किसी भी सरकारी अधिकारी ने वृद्धजन खजानी देवी के दर्द को नहीं समझा, आखिर हार थक कर खजानी देवी अपनी समस्या को लेकर अब दिनांक 05 मई 2026 को कैलाश चंद एडवोकेट के पास आई जिस ओर एडवोकेट ने पीड़िता की समस्या बारे एक पत्र राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों तक ईमेल से भिजवाया जिसके तुरंत बाद पीड़िता के पौत्र का नाम परिवार पहचान पत्र में जोड़ तो दिया परंतु पेंशन अब तक नहीं बनाई, आज दिनांक 14-05-2026 को कैलाश चंद एडवोकेट पीड़िता को लेकर जिला अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में पहुंचे परंतु अधिकारी किसी मीटिंग में व्यस्त होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी जिसके उपरांत कैलाश चंद एडवोकेट ने पीड़िता की समस्या के समाधान हेतु पुनः उच्च अधिकारियों को ईमेल से पत्र भेजकर समस्या समाधान की मांग की ओर कहा कि जल्द ही पीड़िता की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे राज्य सरकार के खिलाफ न्यायलय का दरवाजा खटखटाएंगे ओर माननीय न्यायालय के माध्यम से पीड़िता को न्याय दिलवाया जाएगा।

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