नारी शक्ति वंदन अधिनियम के बारे में व्यापक जागरूकता फैलाने और विशेष रूप से महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उद्देश्य से प्रदेश में 20 अप्रैल तक विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएगी। इस अभियान को लेकर डीसी अभिषेक मीणा ने सोमवार को लघु सचिवालय सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक से पहले हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों के साथ जागरूकता अभियान की तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि कानून आधी आबादी को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी देने का मजबूत संकल्प है। यह न केवल महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि समावेशी और संतुलित विकास के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं अधिक संख्या में काम करती है तो अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती है और आय में समानता आती है। बैठक में महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी DPO शालू यादव सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
महिलाओं की शिक्षा और नेतृत्व से विकास अधिक टिकाऊ और समावेशी बनता है। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलता है, तो वे केवल पद नहीं संभालतीं, बल्कि शासन को अधिक प्रभावी और संवेदनशील बनाती हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी अनुभव को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने का प्रयास है। यह कानून महिलाओं को नीति निर्माता के रूप में स्थापित करेगा। इस अभियान के तहत जन-जागरूकता एवं सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


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