Rewari News :: मंत्री विपुल गोयल के प्रयासों से भगवान पाश्र्वनाथ की प्रतिमा को चंडीगढ़ से रेवाड़ी लाने के प्रयास शुरू हुए

रेवाड़ी में श्री दिगंबर जैन समाज के आराध्य भगवान श्री 1008 सुपाश्र्वनाथ की संग्रहालय में रखी प्रतिमा को पुन: रेवाड़ी लाने के सकारात्मक प्रयास शुरू हो गए हैं। जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल के आग्रह पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, स्थानीय निकाय व नागरिक उड्डयन मंत्री विपुल गोयल ने प्रतिमा संबंधी फाइल को विचार के लिए फिर से खुलवाकर आशा की किरण जगा दी है। मंत्री के सकारात्मक आश्वासन के बाद रेवाड़ी जैन समाज में खुशी की लहर दौड़ गई है। 


गौरतलब है कि वर्ष 2012 में जिले के गाँव दड़ौली में जैन समाज के आराध्य भगवान श्री 1008 सुपाश्र्वनाथ की प्रतिमा निकली थी। उस प्रतिमा को सरकारी संरक्षण में लेकर चंड़ीगढ़ स्थित संग्रहालय में रखवा दिया गया था। जैन समाज उस प्रतिमा को वापस लाने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहा है। २९ मार्च को जैन पब्लिक स्कूल के 40वें स्थापना उत्सव में मुख्य अतिथि बनकर आए मंत्री विपुल गोयल के सामने भगवान महावीर विद्यापीठ के प्रधान सीए मोहित जैन ने इस मांग को पुरजोर तरीके से उठाया गया था। उस समय मंत्री जी ने प्रतिमा को वापस लाने में हर संभव सहायता करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने समाज के प्रतिनिधि मंडल को चंडीगढ़ आने का आमंत्रण दिया था।

वीरवार को विश्व णमोकार महामंत्र दिवस के मौके पर जैन समाज के प्रधान महेंद्र जैन के नेतृत्व में समाज का प्रतिनिधि मंडल मंत्री विपुल गोयल से मिला। मंत्री जी ने इस दिशा में सकारात्मक पहल करते हुए प्रतिमा संबंधी फाइल को विचार के लिए फिर से खुलवाया। उनकी सहृदयता एवं सकारात्मक आश्वासन के बाद जैन समाज को प्रतिमा वापस लाने की दिशा में आशा की किरण दिखाई पड रही है। इस पहल से पूरे समाज में प्रसन्नता की लहर दौड़ गई है। समाज के प्रधान के साथ प्रतिनिधि मंडल में शामिल समाज के सचिव हेमराज जैन, सह सचिव राकेश जैन, पूर्व सह सचिव योगेश जैन एवं भगवान महावीर विद्यापीठ के प्रधान सीए मोहित जैन ने जैन समाज की भावनाओं के अनुरूप सार्थक पहल करने के लिए मंत्री विपुल गोयल का आभार व्यक्त किया है।

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Editor - राजेश शर्मा : रेवाड़ी (हरियाणा)

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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