ग्राम समाचार, मध्य पूर्व के तनावपूर्ण हालात के बीच भारत को रूस और अमेरिका से बड़ी राहत मिली है। ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष से होर्मुज जलडमरूमध्य बाधित होने पर भी ऊर्जा आपूर्ति सुचारू बनी रही।
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध ने वैश्विक तेल-गैस सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारत का 55% LPG और 30% LNG इसी होर्मुज मार्ग से आता है। अमेरिका द्वारा रूसी क्रूड पर 30 दिनों की विशेष छूट दिए जाने से भारत ने स्पॉट मार्केट में 30 मिलियन बैरल रूसी तेल खरीद लिया।
टेक्सास बंदरगाह से LPG से लदा जहाज 'पिक्सिस पायोनियर' 22 मार्च 2026 को न्यू मंगलुरु पोर्ट पर सफलतापूर्वक डॉक हो गया। इससे पहले भी 'एक्वा टाइटन' जहाज मंगलुरु पहुंच चुका था। मंगलुरु पोर्ट अथॉरिटी ने 14 से 31 मार्च तक क्रूड और LPG कार्गो पर सभी शुल्क माफ कर दिए हैं।
रूस से क्रूड ऑयल लदा जहाज 'एक्वा टाइटन' शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि में मंगलुरु पोर्ट पहुंचा। यहां से तेल को पाइपलाइन के जरिए नजदीकी रिफाइनरी में स्थानांतरित किया जा रहा है। मार्च महीने में भारत ने कुल 29.9 मिलियन बैरल (1.61 मिलियन बैरल प्रति दिन) रूसी क्रूड आयात किया, जो फरवरी के मुकाबले 53% अधिक है; इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) ने 8 मिलियन और रिलायंस ने 6 मिलियन बैरल लिया।
16-17 मार्च को भारतीय नौसेना के जहाज 'शिवालिक' मुंद्रा पोर्ट और 'नंदा देवी' वाडिनार पोर्ट पर 92,712 मीट्रिक टन LPG लेकर सुरक्षित पहुंचे। इन विकासों से पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें स्थिर रहेंगी तथा पोर्ट पर कोई कंजेशन की स्थिति नहीं बनेगी।
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