दूरसंचार विभाग हरियाणा द्वारा रेवाड़ी में साइबर जागरूकता पर मीडिया संवाद कार्यक्रम का आयोजन। पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय बताए।
दूरसंचार विभाग हरियाणा लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्र (एलएसए) द्वारा साइबर जागरूकता पर एक मीडिया संवाद कार्यक्रम का आयोजन रेवाड़ी स्थित पुलिस लाइन में किया गया। यह कार्यक्रम राधाचरण शाक्य, अतिरिक्त महानिदेशक दूरसंचार, हरियाणा एलएसए के नेतृत्व में तथा रेवाड़ी पुलिस के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें पुलिस अधिकारी, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) के प्रतिनिधि एवं रेवाड़ी जिले के विभिन्न प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) शामिल थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राधाचरण शाक्य ने राष्ट्र निर्माण में सुरक्षित संचार की महत्ता, नागरिकों के बीच सशक्त संपर्क तथा माननीय प्रधानमंत्री के डिजिटल भारत के विजन को साकार करने में दूरसंचार सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डिजिटल शासन और प्रभावी जनसेवा वितरण में दूरसंचार सेवाएँ एक मजबूत आधार प्रदान करती हैं।
उन्होंने दूरसंचार सेवाओं के दुरुपयोग के माध्यम से बढ़ते साइबर अपराधों और साइबर धोखाधड़ी की गंभीर समस्या पर भी ध्यान आकृष्ट किया। यह बताया गया कि साइबर अपराधी निरंतर नए-नए तरीकों से आम नागरिकों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे जन-जागरूकता और सतर्कता अत्यंत आवश्यक हो गई है। उन्होंने यह भी दोहराया कि मोबाइल नेटवर्क के जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करना तथा उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी और दुरुपयोग से सुरक्षित रखना दूरसंचार विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस अवसर पर सिम कार्ड प्राप्ति एवं सक्रियण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया तथा सिम सक्रिय करने से पूर्व प्वाइंट ऑफ सेल और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों पर विशेष जोर दिया गया, ताकि सिम के दुरुपयोग एवं धोखाधड़ी को रोका जा सके।
कार्यक्रम के दौरान संचार साथी पहल के अंतर्गत उपलब्ध नागरिक-केंद्रित सुविधाओं की भी जानकारी दी गई। इनमें चक्षु सुविधा के माध्यम से संदिग्ध कॉल, संदेश एवं व्हाट्सएप संचार की रिपोर्टिंग; खोए/चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट को ब्लॉक करने की सुविधा; अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा; अपने मोबाइल हैंडसेट की प्रामाणिकता (केवाईएम) की आईएमईआई (IMEI) आधारित जांच; तथा रिक्विन (RICWIN), जिसके माध्यम से भारतीय नंबर प्रदर्शित करने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉल की रिपोर्टिंग की जा सकती है, शामिल हैं। अंत में, दूरसंचार विभाग ने नागरिकों को सशक्त बनाने हेतु निवारक उपायों, निरंतर जागरूकता अभियानों और सुदृढ़ रिपोर्टिंग तंत्र के माध्यम से एक सुरक्षित, विश्वसनीय और सशक्त डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।





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