प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती, इसे चरितार्थ कर दिखाया है शहर की होनहार बेटी मान्या सैनी ने। मान्या ने हाल ही में घोषित परिणामों में 98 पर्सेंटाइल अंक प्राप्त कर असिस्टेंट प्रोफेसर और पीएचडी की पात्रता हासिल कर जिले व प्रदेश का नाम रोशन किया है। शिक्षाविद मनोज वशिष्ठ ने मान्या की सराहना करते हुए बताया कि वह बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा की धनी रही हैं। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों का ग्राफ निरंतर ऊंचाइयों को छूता रहा है। मान्या ने जैन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में टॉप कर मेधा सूची में स्थान बनाया। इसके बाद के.एल.पी. कॉलेज में कॉलेज टॉप कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वर्तमान में मान्या आई.जी.यू. से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि मान्या की इस सफलता के पीछे उनके शिक्षक माता-पिता का विशेष मार्गदर्शन रहा है। उनके पिता बबरूभान सैनी वर्तमान में पीएमश्री रा०व०मा०वि० पीथड़ावास में अंग्रेजी प्रवक्ता हैं और माता बीना सैनी जैन बॉयज स्कूल में हिंदी शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। मान्या ने कहा "मेरी सफलता का पूरा श्रेय माता-पिता, दादा-दादी और गुरुजनों के आशीर्वाद व सही मार्गदर्शन को जाता है। उनकी प्रेरणा ने ही मुझे कठिन परिश्रम के लिए प्रेरित किया।"
उसकी इस गौरवमयी उपलब्धि पर समस्त शिक्षक समाज, जैन एजुकेशन बोर्ड के अध्यक्ष मोहित जैन एवं प्रबंधकारिणी तथा जैन स्कूल के प्रिंसिपल व समस्त स्टाफ, केएलपी कॉलेज प्रिंसिपल व स्टाफ, आईजीयू अंग्रेजी विभाग, सैनी सभा और शहर की विभिन्न गणमान्य विभूतियों ने खुशी जाहिर की है। सभी ने मान्या के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे अन्य छात्राओं के लिए एक मिसाल बताया है।


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