रेवाड़ी में पहली बार ऐतिहासिक काली माता मंदिर में ग्यारह मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा पर भव्य आयोजन। इस धार्मिक आयोजन में महाकाली सहित ग्यारह देवी देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा हुई। मंदिर में महायज्ञ विशेष पूजा एवं भंडारे में शहर भर से उमड़े श्रद्धालु। राजा रेवत की नगरी में उमड़ा आस्था का सैलाब।
रेवाड़ी शहर के नाईवाली चौक मोहल्ला सराय बलभद्र स्थित काली माता मंदिर संत फकीर धाम वह पावन धरा है जिसने रेवाड़ी के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। मंदिर में पहली बार महाकाली, गणेश जी, रेवती बलराम, नरसिंह भगवान, काल भैरव, पंचमुखी हनुमान, राधा कृष्ण, गुरु गोरखनाथ की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। प्रमुख आचार्य पुरुषोत्तम शर्मा ने हवन व मूर्तियो का पूजन करवाया।
महायज्ञ के समापन के तुरंत बाद ही इंद्र देवता प्रसन्न हुए तथा तेज बारिश शुरू हो गई। एक घंटे से भी अधिक समय तक हुई तेज बारिश में भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। महायज्ञ संपन्न होने के पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार तथा विशेष पूजा एवं महाआरती कर सभी देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा का कार्य शुरू किया गया। तत्पश्चात मूर्ति स्थापना के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें शहर भर से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर में धोक लगाई तथा भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
एक दिन पहले सभी मूर्तियों का नगर भ्रमण व कलश यात्रा मंदिर प्रांगण से शुरू होकर नाईवाली होते हुए भार्गव मार्ग से आर्य समाज मंदिर रोड से मंदिर तक निकाली गई। इस यात्रा में सैकड़ों की संख्या में मातृशक्ति ने भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में दड़ौली आश्रम महंत स्वामी समर्पणानंद जी महाराज, दिनेश कुमार डीके रियल एस्टेट पहुंचे व कलश यात्रा को झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके पश्चात भंडारा शुरू किया गया जिसमें सैकड़ों की संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में चैयरमैन राजकुमार कतोपुरी, पुष्पा शास्त्री आदि गणमान्य लोग पहुंचे और मंदिर में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया तथा भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। रेवाड़ी की इस पावन धरा पर जहां बलराम जी की बारात रुकी थी और विवाह संपन्न हुआ था उस स्थान पर बन रहे ऐतिहासिक मंदिर को देखने हजारों भक्तगण पहुंचे और इस अनुष्ठान के साक्षी बने।
मंदिर महंत अभय सिंह महाराज ने सभी अतिथियों का स्मृति चिह्न भेंट कर उन्हें सम्मानित किया व पहुंचने पर उनका मंदिर कमेटी की तरफ से उनका आभार व्यक्त किया ओर कहा कि हरियाणा का यह पहला रेवती बलराम का मंदिर है। यह ऐतिहासिक स्थल है जहां बलराम जी की बारात रुकी थी स्वयं भगवान श्रीकृष्ण भी यहां पहुंचें थे।
इस मौके पर बड़े गुरु देव गिरी महाराज, संत कमल नाथ, संत प्रीतम गिरी, संत ग्रोवर नाथ, पंडित मुकेश शास्त्री, चेयरमैन राजकुमार यादव कतोपुरी, समाजसेवी प्रथम अग्रवाल, हर्ष गुलयानी, रिंकू सैनी, सुरेश शर्मा हलवाई, मुकेश शास्त्री, ब्रह्म बूढ़पुर, रमाशंकर शर्मा, लालचंद सैनी, हर्षित, अंश, राधे, नवीन, मिंटू, दीपक, मनीष, हेमंत, कुशाल, चोटी, मुकेश, पंकज, हर्ष, अंशु, यूवी, नमन, नरेंद्र नाथ, नितिन, हिमांशु व मोहित रामपुरा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।








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