ग्राम समाचार, ब्यूरो रिपोर्ट गोड्डा। गोड्डा जिला में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मुख्य मार्गों पर रेडीमेड ब्रेकर लगाए जा रहे हैं। ललमटिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ललमटिया–पीरपेंती–लीलातरी मुख्य मार्ग के पास ललमटिया पुलिस द्वारा ब्रेकर लगाने का कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की तेज गति को नियंत्रित करना और लगातार हो रही दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
ललमटिया थाना प्रभारी रोशन कुमार सिंह ने बताया कि तेज रफ्तार वाहनों के कारण संतुलन बिगड़ने से दुर्घटनाओं की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन के निर्देशानुसार संवेदनशील और दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर ब्रेकर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गोड्डा एसपी के निर्देश पर ईसीएल (ECL) के सहयोग से यह कार्य किया जा रहा है और आगे भी आवश्यक स्थानों पर ब्रेकर लगाने की योजना है।
हालांकि, ब्रेकर लगाने की यह पहल सराहनीय है, लेकिन इसकी स्थायित्व और प्रभावशीलता पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। महागामा अनुमंडल क्षेत्र के दियाजोरी रेलवे क्रॉसिंग के पास कुछ दिन पूर्व लगाए गए ब्रेकर दो महीने भी नहीं टिक सके और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इससे यह स्पष्ट होता है कि केवल ब्रेकर लगाना ही पर्याप्त नहीं है।
वास्तविक समस्या तेज रफ्तार और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालक हैं, जो ब्रेकर को भी नजरअंदाज करते हुए तेज गति से वाहन चलाते हैं परिणामस्वरूप ब्रेकर कुछ ही दिनों में निष्क्रिय हो जाते हैं और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
ऐसे में आवश्यक है कि प्रशासन ब्रेकर लगाने के साथ-साथ विशेष सघन अभियान चलाए। तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई, नियमित चेकिंग, जुर्माना और जागरूकता अभियान के जरिए ही सड़क सुरक्षा को मजबूत किया जा सकता है। अन्यथा स्थिति यह बनी रहेगी कि ब्रेकर लगते रहेंगे और तेज रफ्तार वाहन उन्हें तोड़ते रहेंगे, जिससे दुर्घटनाओं में अपेक्षित कमी नहीं आ पाएगी। सड़क सुरक्षा के लिए बुनियादी ढांचे के साथ-साथ अनुशासन और सख्ती तीनों का संतुलन ही स्थायी समाधान है।



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