गुरु तेग बहादुर के 350 वें बलिदान दिवस पर "गुरु तेग बहादुर के शीश की रक्षा हेतु हरियाणा की माटी के अमर बलिदानी कुशाल सिंह दहिया का बलिदान मानवता की प्रेरणा देता रहेगा" विषय पर एक दिया देश की आजादी के महानायकों, महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानी को समर्पित मिशन के तत्वाधान में रेवाड़ी कार्यालय पर आयोजित संगोष्ठी में गुरु तेग बहादुर एवं गुरुजी के शीश के रक्षक कुशल सिंह दहिया के चित्र पर सांयकाल दीप जलाकर पुष्पांजलि के साथ नमन किया गया। इस अवसर पर डॉ. इंदु शर्मा ने कहा देश और धर्म की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर का बलिदान युवाओं को देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा। संगोष्ठी की मुख्य वक्ता प्रोफेसर डॉ. जया शर्मा ने कहा गुरु तेग बहादुर के शीश की रक्षा हेतु हरियाणा की माटी से उठा कुशाल सिंह दहिया का बलिदान देश के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज रहेगा। उन्होंने कहा देश की मिट्टी से बड़ा कोई धर्म नहीं है और धर्म से बड़ी कोई मानवता नहीं है।कश्मीरी पंडित कृपाराम के नेतृत्व में गुरु तेग बहादुर को औरंगजेब द्वारा जबरन धर्मांतरण हेतु दी गई यातनाओं बारे गुरु तेग बहादुर को व्यथा सुनाई गई। उन्होंने कहा औरंगजेब से मुकाबला करने हेतु महान व्यक्ति को बलिदान देने की आवश्यकता है। औरंगज़ेब से दिल्ली भेंट के समय उनको बंदी बनाकर हिंदू धर्म परिवर्तन हेतु अनेकों यातनायें दी गई, और चांदनी चौक दिल्ली में उनका सिर कलम कर उनके शरीर के चार टुकड़े कर दिए गयें एवं सैनिकों को दिल्ली के चारों कोनों में लटकने का आदेश दिया।आंधी के कारण उनके शीश को कपड़े में लपेट कर जैता भाई वाल्मीकि सोनीपत की गढ़ी खुशाली गांव में शरण ली और पीछा कर रही औरंगजेब की सेना से शीश की रक्षा हेतु घढी खुशहाली की सरदारी से सहयोग मांगा ।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ.आर.के.जांगड़ा विश्वकर्मा ने कहा हिंद की चादर के शीश की रक्षा के लिए हरियाणा की माटी के अमर कुशाल सिंह दहिया द्वारा गुरु जी के शीश की रक्षा हेतु अपना शीश औरंगजेब की सेना को दे दिया।भाई जेठा जी गुरु तेग बहादुर के शीश को लेकर सिख धर्म के पवित्र स्थल आनंदपुर साहिब लेकर पहुंचे।धर्म और मानवता पर संकट आने पर हरियाणा के वीर पीछे नहीं हटते। भारत को विश्व गुरु बनाना है तो त्याग और समर्पण के उत्कृष्ट उदाहरण अमर कुशाल सिंह जैसे वीरों से प्रेरणा लेनी की आवश्यकता है।सत्य, धर्म और मानवता के लिए प्राण न्योछावर करने वाले गुरु तेग बहादुर का 350 वाँ भव्य बलिदान दिवस सीएम नायब सिंह सैनी की अगुवाई में और पीएम नरेंद्र मोदी के मुख्य अतिथि में कुरुक्षेत्र में 25 नवंबर को मनाया जा रहा है। हरियाणा की पावन धरा पर गुरु तेग बहादुर ने संगत को दिव्य ज्ञान दिया गया। पीएम मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत की आध्यात्मिक यात्रा और विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने में सीएम नायब सिंह सैनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। गुरु तेग बहादुर के बलिदान दिवस पर 1 नवंबर से 24 नवंबर तक यात्राओं के माध्यम से हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेशवासियों को नमन करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। इस अवसर पर अनीता यादव इंदु शर्मा, निधि शर्मा, अनामिका सिंह,अंजली यादव,राजकुमार सिंह, अनिल कुमार,विनय सिंह, प्रवीण यादव, दीपक प्रजापत, धैर्यवर्धन सिंह,प्रकाश शर्मा, संदीप कुमार, प्रदीप शर्मा, राकेश सोनी,आदि विशेष रूप से उपस्थित थे।

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