रेवाड़ी में भागवत सप्ताह के छठे दिन राधा रुक्मणि का हुआ भव्य विवाह। कृष्ण की बारात पर खूब झूमे श्रद्धालु। हिंदू संगठनों से जुड़े गणमान्य लोगों ने सनातन पर संदेश दिया।
रेवाड़ी की ऐतिहासिक पावन भूमि काली माता मंदिर सराय बलभद्र संत धाम में साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा का छठे दिन दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी रविंद्र आशावादी व पंडित दिलीप शास्त्री पहुंचे तथा दीप प्रज्वलित किया तत्पश्चात कथा का शुभारंभ हुआ। मंदिर महंत अभय महाराज व कमेटी सदस्य की ओर से उनका अंगवस्त्र भेट कर स्वागत किया। आज छठे दिन प्रभु भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणि जी के भव्य विवाह की झाकी निकाली गई। सभी भक्तों ने झूम झूमकर नृत्य किया और झाकी का आनंद उठाया।
रविन्द्र आशावादी ने कहा कि रेवाड़ी के लोगों का सौभाग्य है कि भगवान श्रीकृष्ण के भाई बलराम जी का विवाह हमारी रेवाड़ी की इस पावन भूमि पर हुआ ओर विश्व की पहली गौशाला भी रेवाड़ी में ही है। ये हमारे लिए गौरव का विषय है। पंडित दिलीप शास्त्री ने हमारे ग्रंथ हमारी पहचान है। इन ग्रंथों से हमे प्रेरणा लेकर जीवन जीना चाहिए। इस अवसर पर ग्रीवेंस कमेटी के सदस्य चेयरमैन राजकुमार कतोपुरी ने मंदिर कमेटी का भव्य आयोजन के लिए बधाई दी।
कथा व्यास पुरूषोतम जी महाराज ने कहा कि कथा कल समापन का कार्यक्रम रहेगा तथा रविवार 14 सितंबर को 8 बजे हवन व 11 बजे से भंडारा आयोजित किया जाएगा। जिसमें सभी शहरवासी सादर आमंत्रित है। कथा दोपहर 2 बजे शुरू हुए तथा 5 बजे आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया।
इस अवसर पर युवा समाजसेवी प्रथम अग्रवाल, रिंकू सैनी, दीपक सैनी, मोहित रामपुरा, नवीन, हर्षित, अंश, यश, जतिन, हिमांशु, कुशाल, हर्ष सहित सैकड़ों भक्तजन उपस्थित रहे।




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