Kurukshetra News :: हर कौम अपने शहीदों के बलिदान को याद रखे :: अरविन्द यादव


भारतीय सेना के अतिरिक्त तोपखाना महानिदेेशक (एडिशनल डायरेक्टर जनरल आर्टिलरी) मेजर जनरल अरविन्द यादव ने कहा कि कौम देश के लिए शहीद होने वाले बलिदानियों को हमेशा याद रखे। 


जो कौम अपने शहीदों को भूल जाती है उनका वजूद खत्म हो जाता है। समाज को देश के सैनिकों व उनके परिजनों का हमेशा सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहीद हमारे देश, कौम तथा समाज की धरोहर है तथा आने वाली पीढ़ी को सही मार्ग दिखाने के लिए शहीदों की शहादक को याद रखना बहुत आवश्यक है। 


जनरल यादव वीर शहीद दिवस पर राव तुलाराम की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देने के बाद यादव धर्मशाला में आयोजित अहीर पराक्रम स्मृति स्थल के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। 


जनरल यादव ने कहा कि सैनिक अपना पूरा जीवन देश की सेवा व सुरक्षा के लिए समर्पित करता है इसलिए उनका मान, सम्मान करना समाज की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यादव समाज सभा द्वारा वीरो के पराक्रम और स्मृति स्थल का रूप देने के लिए साधुवाद देते हुए कहा कि किस प्रकार के कार्यक्रम समाज और सैनिकों को परस्पर जोड़ने का कार्य करते है। 


भारत के अनेक युद्धो तथा आपरेशनों में वीरो ने शौर्य का परिचय देने हुए अपने राष्ट्र के लोगो की रक्षा करते हुए शहीद होकर देश का नाम रोशन किया। एक कौम यदि अपने शहीदों को याद रखती है तथा उनके बलिदान को आने वाली पीढ़ियों को बताती है तो उन शहीदों को इसे बड़ी श्रद्धांजलि नहीं होगी। केवल एक शहीद ही एक ऐसा होता है जो स्वयं तथा उसकी शहादत पूरे देश को जोड़े रखती है। उन्होंने कहा कि सेना हमेशा अपने सेवारत सैनिको, पूर्व सैनिको तथा शहीद परिवारो की भलाई के लिए तत्पर रहती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा जहां एक ओर वीरों की भूमि है वहीं कुरुक्षेत्र में योगेश्वर श्री कृष्ण भगवान ने पूरी दुनिया को कर्म का संदेश दिया था तथा यादव समाज सभा द्वारा कर्म और वीरता को लेकर आयोजित यह कार्य अपने आप में एक मिसाल है। 


जनरल यादव ने सैन्य विज्ञान तथा वीरो की शहादत को स्कूल व काॅलेजो के पाठ्यक्रमो में शामिल करने का आग्रह किया ताकि युवा पीढ़ी देश के प्रति जान कुर्बान करने वाले वीर जवानो के बलिदान व शौर्य गाथा को जान सके और उनका सम्मान करें।


उन्होंने कहा कि रेजांगला की लड़ाई में चार्ली कंपनी के 114 वीर अहीर जवानों ने बलिदान देकर मातृभूमि की रक्षा की थी। इन जवानों में सगे भाई व जीजा-साला भी शामिल थे तथा किसी भी शहीद की पीठ पर कोई गोली नहीं लगी थी। अहीरो ने अपना सीना तान कर दुश्मन का मुकाबला किया था तथा बर्फ जमाने वाली सरदी में गरमी की पोशाक में लगभग तीन हजार चीनी सैनिकों को खदेड़ दिया था। इन्ही की शहादत की बदौलत मेजर शैतान सिंह को परवीर चक्र से अलंकृत किया गया था। देश के लिए कुर्बानी का यह इतिहास सदा अमर रहेगा। उन्होंने रेजांगला की लड़ाई में शामिल रहे कैप्टन रामचन्द्र यादव व हवलदार निहाल सिंह को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। 


रेवाड़ी से पहुंचे रेजांगला शौर्य समिति के महासचिव नरेश चैहान राष्ट्रपूत ने इस अवसर पर 1962 के रेजांगला की लड़ाई तथा पिछले 30 वर्षो के कार्यो का विस्तार से उल्लेख किया।  यादव समाज सभा के प्रधान डाॅ. अतुल यादव ने बताया कि यादव समाज सभा प्रति वर्ष जिला सैनिक बोर्ड कुरुक्षेत्र के साथ मिलकर वीर शहीद दिवस मनाएगी तथा इस अवसर पर वीर व विरांगनाओ को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यादव समज सभा कुरुक्षेत्र के संरक्षक व समाजसेवी राव राज सिंह सिरोहल ने कहा कि वीर शहीद दिवस एक पावन अवसर है तथा 36 बिरादरी के लोगों को मिलकर यह पर्व मनाना चाहिए। आज के दौर में समाज में कटुता बढ़ती जा रही है तथा हमारे स्वतंन्त्रता सेनानी एवं शहीदों की स्मृति ही हमे इस कटुता से मुक्ति दिला सकती है। 

...जब 87 वर्षीय योद्धाओं की फड़की भुजाएं......


भारत-चीन युद्ध के बीच 18 नवंबर, 1962 को हुए रेजांगला की लड़ाई के जीवित योद्धाओं कैप्टन रामचन्द्र यादव व हवलदार निहाल सिंह यादव सेना मेडल विशिष्ट अतिथिगण ने यहां रेजांगला की लड़ाई में अपनी 13 कुमाऊ रेजिमेन्ट की चार्ली कंपनी के साथ अंतिम गोली तथा आखिरी सांस तक लड़ाई लड़कर शहीद होने वाले 114 साथियों के साथ-साथ भारत के 8 राज्यों के वीर अहीरों के बनाए गए स्मृति स्थल पर पुष्पांजलि दी। उल्लेखनीय है कि अहीर पराक्रम स्मृति स्थल पर प्रथम विश्व युद्ध से लेकर 2025 तक के हरियाणा सहित बिहार, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली व महाराष्ट्र के अनेक युद्धों व आपरेशनो के शौर्य पदक विजेताओं का पूरा विवरण दिया गया है।



रेजांगला युद्ध के जीवित यौद्धाओं ने स्मारक स्थल पर जोश से लबरेज होकर 87 साल की आयु में मोर्चे पर लड़ने को तैयार हो गए। उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों से गली-मौहल्ले की राजनीति की अपेक्षा समाज और राष्ट्र निर्माण के कार्य करने के लिए एकजुट होकर आगे आने का आह्नन किया तथा नये जवानों को मोबाईल गेम तथा सड़क दुर्घटनाओं से बचाने की अपील की।इस अवसर पर कुरुक्षेत्र की छतीस बिरादरी के पदाधिकारियों के अतिरिक्त कुरुक्षेत्र के गांव बेरथली, कैथल के गांव भानपुरा व खरोदी के अतिरिक्त जिला यमुनानगर, अंबाला, नारनौल, महेंद्रगढ़, पंचकुला की यादव सभाओं के पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। श्रीमती सतपाल कौर, श्रीमती सत्या देवी, श्रीमती मंजीत कौर, श्रीमती सिमरनजीत कौर, श्रीमती गुरजीत कौर, श्रीमती सुरक्षा देवी तथा श्रीमती मिसरो देवी वीर नारियों, कारगिल युद्ध में अपने दोनों हाथ खो चुके सिपाही बलकार सिंह व दोनों पैर खो चुके नायब सुबेदार स्वर्ण सिंह को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

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Editor - राजेश शर्मा : रेवाड़ी (हरियाणा)

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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