गुरुग्राम में जन नायक जनता पार्टी ने प्रदेश सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि लगातार बारिश से गुरुग्राम जिले के गाँवों में आई बाढ़ और जलभराव से किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, लेकिन सरकार किसानों की सुध लेने के बजाय केवल बयानबाज़ी में व्यस्त है।
जेजेपी पदाधिकारियों और किसानों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम गुरुग्राम को ज्ञापन सौंपकर माँग की कि प्रभावित गाँवों में तुरंत सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा दिया जाए और जल निकासी की ठोस व्यवस्था की जाए। जिला अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकरान ने कहा कि गाँव मांकडोला, बुढ़ेड़ा, धनकोट, खेड़की माजरा, धर्मपुर और दौलताबाद समेत पटौदी क्षेत्र के 8–10 गाँवों में किसानों की फसलें पूरी तरह चौपट हो चुकी हैं। ठाकरान ने आरोप लगाया कि “सरकार चुनावी प्रचार में व्यस्त है, जबकि किसान अपनी बर्बादी पर आंसू बहा रहे हैं।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय सचिव गंगाराम ने की। इस मौके पर अधिवक्ता मेघराज यादव ने कहा कि “प्रदेश की नायब सरकार केवल कागज़ों और प्रेस कॉन्फ्रेंसों में किसानों की हमदर्द बन रही है। हकीकत यह है कि किसान बाढ़ और जलभराव से त्रस्त हैं, लेकिन राहत और मुआवजा देने के नाम पर प्रशासन सिर्फ़ टालमटोल कर रहा है।”
ज्ञापन में जेजेपी ने प्रशासन से चार माँगें रखीं—
1. प्रभावित किसानों का त्वरित सर्वे और मुआवजा।
2. प्रभावित परिवारों को अस्थायी आवास, भोजन और चिकित्सीय सुविधा।
3. पशुधन के नुकसान की भरपाई।
4. क्षतिग्रस्त सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की मरम्मत।
इस दौरान कर्नल सुखविंदर राठी, दलबीर धनखड़, दिलबाग महलावत, सतीश राधव, मुकेश लक्कड़, नागेंद्र डागर, बल्ले चेयरमैन, सन्नी कटारिया, रत्न शर्मा, रामनिवास फौजी, प्रहलाद कटारिया और रमेश बामल सहित जन नायक जनता पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।



0 comments:
एक टिप्पणी भेजें