Bounsi News: शांतिपूर्ण एवं धूमधाम से के साथ मनाई गई दीपावली, लखदीपा मंदिर में जलाए गए 200 दीपक

ग्राम समाचार,बौंसी,बांका। बौंसी प्रखंड क्षेत्र में सोमवार को देर रात तक लोगों ने धूमधाम से दीपावली का त्यौहार मनाया। दीपावली के पावन पर्व के अवसर पर जहां देर रात तक हुक्का पाती खेल कर घरों से दरिद्र को बाहर कर लक्ष्मी को प्रवेश कराया गया। वहीं आकर्षक झालरों की लाइट से अपने अपने घरों को सजा कर लोगों ने दीपावली का त्यौहार मनाया। मान्यता है कि, इस दिन मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर घर में वास करती हैं। मां लक्ष्मी और गणेश जी की कृपा से साल भर धन दौलत की कमी नहीं रहती है और घर खुशखुशियों से भरा रहता है। मालूम हो कि, पिछले दो वर्ष कोरोना के कारण दीपावली की खुशियां भी क्वारंटाइन हो गई थीं। न वो उल्लास ही था और न ही जोश। बीमारी के डर के बीच लोगों ने दीपावली पर सिर्फ खानापूरी की थी। इस वर्ष लोगों ने राहत की सांस ली, तो दीपावली पर उसका उत्साह भी दिखाई दिया। बाजारों से लेकर घर तक जगमगा उठे। गांव से लेकर शहर तक लोगों में दीप उत्सव का उत्साह देखने को मिला। प्रखंड क्षेत्र में शाम ढलते ही जगमग दीपों की रोशनी नजर आई। रंग बिरंगी लड़ियां लोगों के घरों पर रोशन हो गईं। पुरानी हॉट स्थित दुर्गा मंदिर भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। बड़े ही भव्य तरीके से मंदिर को सजाया गया था। वहीं दूसरी ओर बौंसी प्रखंड के ऐतिहासिक मधुसूदन मंदिर में दीपावली के अवसर पर भक्तों ने दीप जलाकर पूजा अर्चना की। साथ ही युवाओं के द्वारा आकर्षक रंगोली भी मंदिर परिसर में  बनायी गई थी। मंदिर में दीप जलाने के बाद मंत्रोच्चारण 





के साथ दीप अपने घर पर लाया गया। जिसके बाद लोगों ने अपने घरों में मंगलदीप जलाई। मालूम हो कि, बौंसी प्रखंड के कई घरों में प्रथा है कि, मधुसूदन मंदिर में दीप जलाने के बाद ही अपने घरों में दीप प्रज्वलित करते हैं। इस दौरान मधुसूदन मंदिर में सैकड़ों की संख्या में भक्तजनों ने दीप प्रज्वलित किया। दीपावली के अवसर पर पूरे मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया था। जहां पर भारी भक्तों की भीड़ लगी रही। वहीं दूसरी ओर ऐतिहासिक मंदार पर्वत की तराई में अवस्थित लखदीपा मंदिर में दीपावली के पावन अवसर पर सोमवार को बौंसी के विभिन्न संस्थाओं एवं सदस्यों सहित श्रद्धालुओं ने 200 से अधिक दीपक जलाएं। बरसों से खंडहर पड़े लखदीपा मंदिर में पिछले कुछ वर्षों से प्रबुद्ध लोगों के द्वारा दीपावली के अवसर पर दीप जलाई जाती है। मालूम हो कि, मंदार के पूर्वी क्षेत्र स्थित लकदीपा मंदिर जहां मधुसूदन भगवान का पूर्व में मंदिर हुआ करता था। वह आज खंडहर हो चुका है। पूर्व में लखदीपा मंदिर में एक लाख दीपक जलाए जाते थे। लेकिन कई वर्षों से वहां पर दीपावली के दिन दीप नहीं जलाए जाते थे। लेकिन कुछ वर्षों से स्थानीय समाजसेवियों सहित अन्य संस्थाओं द्वारा लखदीपा मंदिर में सैकड़ों दीप प्रज्वलित की जा रहे हैं। वहीं बौंसी प्रखंड के पुरानी हाट स्थित दुर्गा मंदिर सहित प्रखंड क्षेत्र में स्थापित काली मां की प्रतिमा का विसर्जन सूर्य ग्रहण के कारण नहीं हो पाया। पूजा समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि, सूर्य ग्रहण के कारण देवी काली मां का विसर्जन मंगलवार को नहीं हो पाया। मां काली का विसर्जन बुधवार को धूमधाम से किया जाएगा।

कुमार चंदन,ग्राम समाचार संवाददाता,बौंसी।

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Editor - कुमार चन्दन, बाँका (बिहार)

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