ग्राम समाचार,बौंसी,बांका। स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर प्रखंड क्षेत्र के समाजसेवी सहित जनप्रतिनिधियों ने भी शोक संवेदना व्यक्त किया है। स्वर कोकिला लता मंगेशकर का 92 साल की उम्र में लंबी बीमारी के बाद रविवार को निधन हो गया। उनके बीमार होने के बाद उन्हें मुंबई स्थित ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था जहां 29 दिनों तक उनका इलाज चला डॉक्टरों के मुताबिक उनका निधन रविवार तड़के 8:12 पर मल्टी ऑर्गन फेल्योर होने की वजह से हो गया। उनके निधन
पर संगीत जगत सहित देश को अपूरणीय क्षति हुई है। बता दें कि, 28 सितंबर 1929 को इंदौर में जन्मी लता मंगेशकर भारत की सबसे लोकप्रिय और आदरणीय गायिका थीं। उनका छ: दशकों का कार्यकाल उपलब्धियों से भरा पड़ा है। लता जी ने लगभग तीस से ज्यादा भाषाओं में फिल्मी और गैर-फ़िल्मी गाने गाये हैं लेकिन उनकी पहचान भारतीय सिनेमा में एक पार्श्वगायक के रूप में रही है। अपनी बहन आशा भोंसले के साथ लता जी का फिल्मी गायन में सबसे बड़ा योगदान रहा है। लता की जादुई आवाज के भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया में दीवाने हैं। लता मंगेशकर को भारत सरकार ने 'भारतरत्न' से सम्मानित किया था। शोक
संवेदना व्यक्त करते हुए भावी प्रत्याशी नगर पंचायत अध्यक्ष कल्पना भारती ने कहा कि,भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी के निधन का समाचार सुना तो मन व्यथित हो उठा। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। वहीं जिला कांग्रेस कमेटी पिछड़ा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुरेश प्रसाद यादव ने भी अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि, स्वर कोकिला, स्वर साम्राज्ञी लाता मंगेशकर को स्वरों की देवी माँ सरस्वती
अपनी विदाई के साथ साथ प्रसिद्ध गायिका को साथ ले चली।संगीत जगत सहित देश के लिए अपूरणीय क्षति हुई है। जिसकी भरपाई संभव नहीं है। साथ ही कुमार चंदन,सुनील ठाकुर,रमेश शर्मा, सहित आमजनों ने भी स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।
कुमार चंदन,ग्राम समाचार संवाददाता,बौंसी।
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