Rewari News : न्यायमूर्ति श्री राजन गुप्ता के मार्गदर्शन में 22 जिलों और 33 उप-मण्डलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया

रेवाडी, 14 सितंबर। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा कार्यकारी अध्यक्ष, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण माननीय न्यायमूर्ति श्री राजन गुप्ता के मार्गदर्शन में 11 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हरियाणा के 22 जिलों और 33 उप-मण्डलों में किया गया तथा सिविल, अपराधिक, वैवाहिक, बैंक वसूली आदि से सम्बन्धित मामलों तथा सभी ऐ0डी0आर0 केन्द्रों पर कार्यरत स्थाई लोक अदालतों के मामलों सहित निपटारा किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित करने का उद्देश्य वादियों को अपने विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए एक मंच प्रदान करना है।

राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन न्यायाधीश, भारतीय उच्चतम न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण माननीय न्यायमूर्ति श्री उदय उमेश ललित तथा कार्यकारी अध्यक्ष, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण श्री राजन गुप्ता ने वीडियो कान्फे्रंस के माध्यम से लोक अदालतों की निगरानी की।  
माननीय न्यायमूर्ति श्री उदय उमेश ललित जी ने सफल राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए अपनी शुभकामनाएं दी और सभी अदालतों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए अधिक से अधिक मामलों को उठाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने के लिए बधाई दी है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया है कि लोक अदालत बिना किसी अतिरिक्त लागत या शुल्क के मामलों के त्वरित और अंतिम सहमति के निपटान को सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी वैकल्पिक विवाद समाधान विधि है।
माननीय न्यायमूर्ति ने अधिक से अधिक मामलों को निपटाने का आह्वान किया क्योंकि लोक अदालत वैकल्पिक विवाद समाधान की एक प्रणाली है जो भारत में उत्पन्न हुई और बदलते समय के साथ एक प्रणाली के रूप में स्थापित हुई है। लोक अदालतें न केवल लंबित विवाद या पार्टियों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों को सुलझाती है बल्कि यह सामाजिक सद्भाव को भी सुनिश्चित करती है क्योंकि विवाद करने वाले पक्ष अपने मामलों को अपनी पूर्ण संतुष्टि के साथ सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाते हैं। यह अदालतों में भीड़-भाड़ को भी कम करता है क्योंकि आगे की मुकदमेंबाजी को समाप्त करने के लिए पक्षों की सहमति से मामलों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाया जाता है। न्यायालयों के पास उपलब्ध सीमित संसाधनों को राहत दी जाती है और शीघ्रता और प्रभावी तरीके से न्याय दिलाने के लिए उपलब्ध कराया जाता है। विवाद के निपटारे के अलावा, पक्षकारों को केसों को शुरू करने के समय उनके द्वारा भुगतान की गई अदालती फीस की वापसी से लाभ होता है।
हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार राज्य भर में भौतिक या वस्तुत: लोक अदालतें आयोजित करने का निर्देश दिया। कोविड-19 से बचाव के लिए मास्क पहनना, हाथों को सैनेटाईज करना, सामाजिक दूरी आदि जैसे स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के लिए आवश्यक निर्देश भी जारी किये गये।
पिछले साल, कोविड महामारी के कारण, हालसा ने 18 सितम्बर, 2020 को हरियाणा राज्य में वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से अपनी पहली ई-लोक अदालत का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य एक प्रभावी तंत्र के माध्यम से पार्टियों के मामलों/विवादों को हल करना था। ई-लोक अदालत के सफल आयोजन के बाद, हालसा ने हरियाणा में दैनिक ई-लोक अदालत की ओर अपना कदम बढ़ाया, जिसका उद्देश्य विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए वादियों की मदद करना है।
प्रयोगिक आधार पर सबसे पहले एक जिले में दैनिक लोक अदालतें शुरू की गयी। उत्साहजनक परिणाम आने के बाद शेष जिलों में भी दैनिक लोक अदालतें शुरू की गयी। वर्तमान में, हरियाणा के सभी 22 जिलों में दैनिक लोक अदालतें आयोजित की जा रही है। वर्ष 2020-2021 में 53,407 दैनिक लोक अदालतें आयोजित हुई और 65,550 मामलों को निर्णित किया गया तथा कुल 72,21,29,971/-रू0 का निपटान किया गया।
11 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत में 128 पूर्व मुकदमेंबाजी चरण के मामलों को उठाया गया और 43 मामलों का निपटारा किया गया तथा कुल 38941756/-रू0 की राशि का निपटान किया गया।
इसके अलावा, 146 लंबित मामलों को उठाया गया और 67 मामलों में निर्णय लिया गया तथा 23110432/-रू0 की कुल राशि का निपटान किया गया।
पूर्व-मुकदमेंबाजी और लंबित दोनों चरणों में 1263 मामलों की कुल संख्या का निपटारा किया गया, जिससे पक्षों के बीच 62361940/-रू0 की कुल राशि का निपटान हुआ।  
हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने समाज के किसी भी वर्ग को अछूता नहीं छोड़ा है और विभिन्न माध्यमों और तरीकों से जन जागरूकता पैदा करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। ’’न्याय तक पहुंच’’ के लक्ष्य की दिशा में एक कदम आगे बढ़ते हुए, इस प्राधिकरण ने एक साल के अभियान  Quality Of Legal Services Is Key To Access To Justice For All**     का शुभारंभ एक अगस्त को गुरूग्राम में किया, जिसका उद्घाटन माननीय न्यायमूर्ति श्री उदय उमेश ललित, न्यायाधीश, भारतीय उच्चतम न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने किया, जहाँ निम्नलिखित परियोजनाओं का शुभारम्भ किया गया था:-
 समर्पित वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग और कानूनी सहायक वकील व कानूनी सहायता प्राप्त करने वाले व्यक्ति के बीच संरचित और नियमित वीडियो परामर्श का शुभारम्भ ।
 ऐ0डी0आर0 केन्द्रों को लोगों के अनुकूल बनाने के लिए 18 जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों में किड्स जोन का उद्घाटन ।
 किशोर न्याय अधिनियम (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 पर लघु फिल्म का विमोचन।
 गिरफ्तारी से पहले और गिरफ्तारी के चरण में एक व्यक्ति के अधिकारों पर एनिमेटेड लघु क्लिप का विमोचन ।
 पुलिस थानों, अदालतों और जेलों में लगाये जाने वाले गिरफ्तारी से पहले, गिरफ्तारी और रिमाण्ड चरण में किसी व्यक्ति के अधिकारों के बारें में जागरूकता करने वाले पोस्टरों का शुभारम्भ।
      विभिन्न चरणों में कानूनी सेवाओं को मजबूत करने और किसी भी आर्थिक या सामाजिक बाधा के बावजूद सभी के लिए न्याय सुलभ बनाने के लिए एक साल लम्बे अभियान की अवधारणा की गयी थी। इसका प्राथमिक उद्देश्य कानूनी सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाना और राज्य के किसी भी कोने में रहने वाले लोगों तक पहुंचने के लिए कानूनी सेवा संस्थानों के प्रयासों को अधिकतम करना है। इस अभियान से समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ होगा और लोगों को उनके कानूनी और मौलिक अधिकारों के बारे में जागरूक किया जायेगा।
पर्यावरण संरक्षण अभियान के तहत, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों ने स्वतंत्रता दिवस यानि 15 अगस्त, 2021 को हरियाणा राज्य में ’’विशेष पौधे वितरण अभियान’’ चलाया है। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और इसके लाभों के बारे में आम जनता के बीच जागरूकता पैदा करना है। वन विभाग, हरियाणा और बागवानी विभाग, हरियाणा के सहयोग से स्कूलों/कॉलेजों में छात्रों के बीच पौधों का वितरण किया गया।
इसके अलावा, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पूरे हरियाणा राज्य में कोविड-19 के खिलाफ ऐहतियात और रोकथाम के लिए कई अन्य कदम उठा रहा है। इस प्राधिकरण ने 26-03-2021 को स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा के सहयोग से कोविड स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के बारे में आम जनता के बीच जागरूकता पैदा करने और मास्क शिष्टाचार के बारे में शिक्षित करने के उद्देश्य से ’’मत जा नजदीक, खुद को रखे ठीक, उनपे रहे आँख, ढके ना जो मुँह और नाक’’ नामक एक परियोजना भी शुरू की। उक्त परियोजना के तहत, विधिक सेवा प्राधिकरणों ने राज्य भर में 405 टीकाकरण शिविर आयोजित किये और 67,234 व्यक्तियों को टीका लगाया गया। इस परियोजना के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गैर सरकारी संगठनों/सार्वजनिक एजेन्सियों/जेलों के सहयोग से मास्क बनाने का अभियान चला रहे हैं और जरूरतमंद व्यक्तियों को मुफ्त में वितरित कर रहे हैं। इस अभियान के तहत 2,54,395 मास्क तैयार/वितरित किये गये।
इस प्राधिकरण ने कानूनी सहायता, लैंगिक समानता, कोविड टीकाकरण और मास्क शिष्टाचार जैसे विभिन्न विषयों पर लघु ऐनिमेटेड क्लिप्स भी लॉन्च की, जिसका उद्देश्य संबंधित विषयों और उनसे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अधिकतम लोगों को संवेदनशील बनाना है। हालसा ने कोविड-19 पर प्रचार सामग्री भी तैयार की है जिसे विभिन्न इलैक्ट्रॉनिक माध्यमों के द्वारा जनता के बीच प्रसारित करने के लिए सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के साथ साझा किया गया है ताकि हम दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंच सके।
इसके अलावा, हालसा बच्चों और सोशल मीडिया की सहायता से प्रोजेक्ट ’’कोरोना होम वॉरियर्स’’ के तहत जागरूकता सामग्री भी साझा कर रहा है। इसका उद्देश्य कोविड-19 के खिलाफ रोकथाम पर अधिकतम जन जागरूकता पैदा करना और स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के प्रभावी कार्यान्वयन जैसे कि सही तरीके से मास्क पहनना, सामाजिक दूरी, बार-बार हाथ धोना, हाथों को साफ करना आदि है।
इस प्राधिकरण द्वारा उन दुर्भाग्यपूर्ण बच्चों की मदद करने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट ’’  HOPE ’’ भी शुरू किया गया है, जिन्होंने कोविड बीमारी से लड़ते हुए अपने एक या दोनों माता-पिताओं को खो दिया है। इसका उद्देश्य उन बच्चों के अधिकारों और लाभों को सुनिश्चित करना है जो अकेले रह गये हैं या एक जीवित माता-पिता के साथ हैं। उक्त परियोजना के तहत 3,090 बच्चों की पहचान की गयी है जिन्होंने अपने एक माता/पिता को खो दिया है और 84 बच्चों ने अपने दोनों माता-पिता को खो दिया है।
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Editor - राजेश शर्मा : रेवाड़ी (हरि.) - 9813263002

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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