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Rewari News : मलेरिया, डेंगू व चिकिनगुनिया की रोकथाम के लिए बरतें सावधानियां, स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें नागरिक : उपायुक्त

रेवाड़ी, 22 जुलाई। वर्षा के मौसम में मलेरिया, डेंगू व चिकिनगुनिया जैसी बिमारी जिले में न फैलने पाएं इसके लिए स्वास्थ्य विभाग पूरा तनमयता से कार्य करें। उपायुक्त यशेन्द्र सिंह ने ये निर्देश आज जिला सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया से संबंधित बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि जिला में कोविड-19 जैसी जानलेवा बीमारी के साथ-साथ मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया के खात्मे को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रूप से गंभीर एवं प्रयासरत है, फिर भी सतर्कता जरूरी है।



उपायुक्त ने बताया कि जिला में ब्रीडिंग चेकर, फील्ड वर्कर द्वारा घर-घर जाकर मलेरिया उन्मूलन संबंधि मच्छर के लारवा की ब्रीडिंग की जांच की जाएं। डीसी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिले में फोगिंग का कार्य तेज गति से करवाएं। उन्होंने डीडीपीओ को निर्देश दिए कि वे गांवों में मलेरिया से जागरूकता बारे तथा फोगिंग का कार्य करवाएं। उन्होंने कहा कि गांवों में तालाबों व जोहड़ो में गम्बुजिया मछली भी छोडी जाएं जो मच्छरों को पनपने नहीं देती। उन्होंने निर्देश दिए कि मलेरिया उन्मूलन की सभी टीम ठहरे हुए पानी में काला तेल व टेमिफोस की दवाई का छिडक़ाव करें, जिससे मच्छर का लारवा खत्म हो सके और जानलेवा बीमारी फैलाने वाले मच्छरों की उत्पत्ति पर पूर्ण रूप से रोक लग सके।
डीसी यशेन्द्र सिंह ने जिला के नागरिकों से आह्वïान करते हुए कहा कि वे स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। एक जगह पर पानी को इक्_ा न होने दें। उन्होंने बताया कि मच्छर ठहरे (एकत्रित) हुए पानी मे अंडे देते हैं, जिससे मलेरिया व डेंगू की बीमारी फैलाने वाले मच्छरों की बढ़ोतरी तेजी से होती है।
  उन्होंने कहा कि सभी लोग सप्ताह में एक दिन रविवार को ड्राइ डे के रूप मे मनाएं, इस दिन घर के सभी कूलर व टंकियों को अच्छी तरह से कपड़े से रगडक़र साफ कर लें, फ्रिज की ट्रे का पानी जो बिजली जाने के बाद फ्रिज की बर्फ के पिघलने से ट्रे में एकत्रित होता है, उसको जरूर साफ करें, क्योंकि फ्रिज की ट्रे के साफ पानी में डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर की उत्पत्ति होती है। घर मे प्रयोग किए जा रहे एसी के पानी को एकत्रित न होने दें। क्योंकि एसी के साफ एकत्रित पानी में भी डेंगू फैलाने वाले मच्छर पैदा होते हैं, जिस पानी को निकालना संभव न हो उसमें काला तेल या डीजल डाल सकते हैं, जिससे मच्छरों की उत्पत्ति न हो पाए। उन्होंने बताया कि कुलर, पुराने टायर, फूलदान, पानी एकत्रित होने वाले सभी बर्तनों इत्यादि को समय-समय पर चैक करें ताकि इनमें पानी खड़ा न हो और इसमें मच्छर पैदा न होने पाएं। उपायुक्त ने कहा कि नागरिक रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करे ताकि मच्छर के काटने से बचा जा सके।
उप-सिविल सर्जन एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ विजय प्रकाश ने बताया कि मलेरिया के शुरूआती लक्षणों में तेज ठंड के साथ बुखार आना, सर दर्द होना व उल्टियों का आना है। इसलिए कोई भी बुखार आने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर मलेरिया की जांच करवाएं और अगर मलेरिया जांच में पाया जाता है तो उसका 14 दिन का इलाज स्वास्थ्यकर्मी की देख रेख में कराएं।
         इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ कृष्ण कुमार, डीडीपीओ एचपी बंसल, जनस्वास्थ्य, लोक निर्माण, नगर परिषद व नगर पालिका, शिक्षा, परिवहन सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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Editor - राजेश शर्मा : रेवाड़ी (हरि.) - 9813263002

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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