Rewari News : लेबर डिपार्टमेंट श्रमिकों की मृत्यु पर मिलने वाली वित्तीय सहायता के लिए करेंगे जागरूक : एडवोकेट कैलाश

औद्योगिक इकाइयो के श्रमिकों की मृत्यु पर आश्रित को वितीय सहायता का प्रावधान है परन्तु सरकार द्वारा न नही किया जा रहा है और न ही उन्हें जागरूक किया जा रहा है। ये कहना है रेवाड़ी के वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाश चन्द का जो हमेशा दबे कुचले वर्ग की आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने बताया कि बस (खाना पूर्ति के लिये उप-आयुक्त लेबर डिपार्टमेंट गुरुग्राम द्वारा एनसीआर के गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी पलवल जिलों के लिये आदेश जारी किया गया है जबकि ये आदेश पूरे हरियाणा के लेबर वर्ग के लिए होना चाहिए।



कैलाश चंद एड्वोकेट ने बताया कि ओद्योगिक व वाणिज्यिक इकाइयो में कार्यरत श्रमिक/ कर्मचारियो की मृत्यु होने पर वे आश्रित परिवारों की निःशुल्क सहायता करके उन्हें सहायता राशि दिलवाएंगे, जिसके लिये कोई भी श्रमिक /कर्मचारी उनके मोबाइल नम्बर 9817081972, 9802871973, पर सम्पर्क करके निःशुक सहायता प्राप्त कर सकता है। 
कैलाश चंद एड्वोकेट द्वारा सरकार से मांग की गई थी कि श्रमिको को आमजन गरीब परिवारों के मुखिया की मृत्यु पर आश्रितो को कम से कम 10 लाख रुपये आर्थिक सहायता दी जाए।
हरियाणा राज्य में स्थित औद्योगिक इकाइयो में कार्यरत श्रमिक/ कर्मचारी राज्य सरकार हरियाणा लेबर वेलफेयर बोर्ड के अधीन आते हैं, जिनके लिये वेलफेयर बोर्ड द्वारा पहले से प्रावधान है कि कार्यरत श्रमिक कर्मचारी की किसी भी कारण से मृत्यु होने पर जिसमे (कोविड बीमारी से मृत्यु का भी नियम बनाना होगा ) बोर्ड द्वारा मृतक श्रमिक के आश्रितों को 215,000/- (दो लाख पन्द्रह हजार रुपये) वितीय सहायता प्रदान किये जाने का प्रवधान किया गया है, इसी प्रकार अगर कर्मचारी /श्रमिक की कार्यस्थल पर  मृत्यु होने पर आश्रित परिवार को 5,00000/- (पांच लाख रुपये ) देने का प्रावधान है 
परन्तु आज तक राज्य सरकार द्वारा इस बारे में श्रमिकों को कोई भी जानकारी नहीं दी जा रही है। इस वितीय सहायता में सरकार का कोई योगदान भी नही है क्योंकि ये सहायता राशि श्रमिको के पैसे से काटी गई राशि मे से दिया जाना होता है, जो सरकार के पास बहुत अधिक जमा भी है, परन्तु राज्य सरकार इस राशि को श्रमिको तक पहुंचना ही नही चाहती इसलिय श्रमिको को जागरुक भी नही कर रही है।
राज्य सरकार के अधिकारियो से जारी आदेश सिर्फ फ़ाइलो में बंद रहकर अधिकारियो की जिम्मेदारी पूरी करता नजर आ रहा है, जबकि शर्मिको तक इसकी जानकारी तक नहीं पहुचती। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से औद्योगिक इकाइयो में उपरोक्त वितीय सहायता का प्रावधान है इसी तरह से भवन निर्माण में कार्यरत श्रमिको के लिये भी वितीय सहायता का प्रावधान है, परन्तु जानकारी के अभाव में श्रमिकों के आश्रित इस योजना से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने बताया कि 16 जून 2021 को ओद्योगिक इकाई उप आयुक्त गुरुग्राम द्वारा अपने क्षेत्रों की सभी  ओद्योगिक व वाणिज्यिक इकाइयो को आदेश पत्र जारी कर  दिया जो सिर्फ सरकारी फ़ाइलो में बंद होकर रहेगा, जिसके लिये बोर्ड के उप आयुक्त द्वारा आदेश जारी कर दिए हैं, परन्तु राज्य सरकार द्वारा इस बारे आमजन (संस्थानों में कार्यकर्त कर्मचारियो ) को जानकरी  नही दी जारी है।
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Editor - राजेश शर्मा : रेवाड़ी (हरि.) - 9813263002

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