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Bhagalpur News:सुपूर्दे खाक किये गए सैयद शाह हसन मानी, अंतिम दर्शन के लिए लोगों का लगा रहा तांता


ग्राम समाचार, भागलपुर। सैयद शाह हसन मानी की अंतिम यात्रा रविवार को उनके आवास से खलीफाबा़ग की मस्जिद के बगल तक इशा की नमाज के बाद निकाली गई। जनाजे में सैकड़ों लोग शामिल हुए। नमाजे जनाजा खलीफाबा़ग में अदा की गई। इसके बाद उन्हें सुपूर्दे खाक किया गया। सैयद शाह हसन मानी के अंतिम दर्शन को सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा। उनके निधन की सूचना मिलते ही समाजसेवी, प्रबुद्धजनों व उनके चाहने वालों का जमावड़ा रहा। यहां पहुंचकर लोगों ने शोक संवेदना भी व्यक्त की। साथ ही उनके साथ बिताए हुए पल को याद किया। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर फोटो टैग कर श्रद्धांजलि दी। प्रबुद्धजनों ने कहा कि सैयद हसन मानी एक धार्मिक गुरु होने के साथ-साथ सेक्यूलर मिजाज वाले व्यक्ति थे। यही कारण था कि जब भी अपने यहां कोई कार्यक्रम किया करते थे, उसमें सभी धर्म के लोगों को बुलाते थे। रेशमी शहर में अमन शांति को लेकर अमिट पहचान भी बनाई। उनके निधन के बाद शाह मार्केट बाजार पूरी तरह से बंद रहा। बता दें कि शहर के शाह मार्केट स्थित खानकाह पीर दमड़िया भागलपुर के 14वें सज्जदानशीं मौलाना सैय्यद शाह हसन मानी नदवी सोहरवर्दी कादरी का शनिवार की देर रात एक बजकर 30 मिनट पर निधन हो गया। वह एक सप्ताह से बीमार चल रहे थे।

हसन मानी अपने पीछे भरापूरा खानदान छोड़ गए हैं। पत्नी के अलावा दो बेटा और चार बेटियां हैं। जिनमें बड़े बेटे सैय्यद शाह फखरे आलम हसन, जिन्हें हसन मानी ने बीते 28 फरवरी 2021 को अपनी जिन्दगी में ही 15वां सज्जादनशीं बनाया था। हसन मानी खानकाह के सज्जादानशी के पद पर 3 जुन 2005 से 17 अप्रैल 2021 तक रहे। उन्हें उनके पिता मौलाना सैय्यद शाह शरफ आलम नदवी से बैअत व एजाजत मिली थी। इसके अलावा इन्हें सिलसिला चिश्चिया आशरफिया से भी इजाजत मिली थी। हसन मानी की शिक्षा पहले शाह मार्केट के मदरसे से हुई। इसके बाद 1963 में दारूल उलूम लखनऊ में दाखिला लिया। वहां से 1969 में अलीगढ़ से अर्बिक में एमए किया। फिर दिल्ली के जेएनयू और जामिया में भी तालीम हासिल की। इसके बाद हसन मानी ने तिलकामांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी से इतिहास में एमए और इसके बाद एलएलबी भी किया। मानी साहब ने मुंबई से कंप्यूटर प्रोग्रामिंग का भी कोर्स किया। इसके बाद सऊदी सरकार के सुरक्षा मंत्रालय में 3 साल तक अपनी सेवा दी। इसके बाद भागलपुर के खलीफाबाग में मैंनेजमेंट एंड टेक्निकल इन्स्टीट्यूट खोली। जिसे दो साल चलाने के बाद निजी हाथों में सौंप दिया। इस कंप्यूटर सेंटर में अभी भी लोग लाभ ले रहे हैं। सैयद हसन मानी ने एक दर्जन से ज्यादा देशों का दौरा किया है। इनमें अमेरिका, रूस, सिंगापुर, इंडोनेशिया, जापान आदि शामिल है। हसन मानी ने तीन बार हज यात्रा की। जिसमें से एक बार सऊदी अरब सरकार की ओर से शाही मेहमान बनकर गए। उन्होंने अब तक कई किताबें लिखीं हैं। जिनमें से चार किताब प्रकाशित हो चुकी है। जबकि अभी एक दर्जन किताबें प्रकाशित होना बांकी है।

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Editor - Bijay shankar

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