Bhagalpur News:पीस सेंटर परिधि द्वारा वर्चुअल होली मिलन का आयोजन
ग्राम समाचार, भागलपुर। पीस सेंटर परिधि द्वारा भीखनपुर भागलपुर में वर्चुअल होली मिलन का आयोजन किया गया। इस मौके पर शामिल सभी लोगों ने एक दूसरे को मुबारकबाद देते हुए कहा की होली मिलने-जुलने और खुशियां बांटने का त्यौहार है पर इस वर्ष कोरोना के कारण हम सभी को एहतियात बरतने की जरूरत आन पड़ी है। हम देह की दूरी मेंटेन रखें पर दिल की दूरी मिटा दें। इस मौके पर अपनी बात रखते हुए लाडली राज ने कहा कि होलिका दहन के मौके पर कुछ लोग पेड़ पौधे के साथ-साथ टायर और प्लास्टिक भी बड़ी मात्रा में जलाते हैं। जिससे प्रदूषण तो फैलता ही है। रास्ते में ऊपर लगे बिजली टेलीफोन के तार जल जाते हैं। हमें पर्यावरण को शुद्ध और सुरक्षित रखते हुए होली मनानी चाहिए। पानी की बर्बादी को रोकना और होलिका दहन के कारण जो धूआ फैलता है उसको भी रोकने की कोशिश करनी चाहिए। सुषमा ने अपनी बात में कहा कि होली तो दिल से दिल को जोड़ने का त्यौहार है, एक दूसरे से प्रेम करने का त्यौहार है लेकिन कुछ लोग इस अवसर पर वल्गर गीत बजाते हैं, नशा करते हैं और होली जैसे त्यौहार को गंदा कर देते हैं। हम सभी को ऐसे वल्गर और गंदे गीत बजाने वाले लोगों का विरोध करना चाहिए। यूं तो प्रशासन ने डीजे बजाने पर रोक लगा रखा है। पर यह बिना आम लोगों के सहयोग, मदद और मानसिक बदलाव के नहीं हो सकता। संस्कृति कर्मी ललन ने अपनी बात रखते हुए कहा कि होली कोई धार्मिक त्यौहार नहीं यह लोक पर्व है और लोक पर्व किसी खास समुदाय का नहीं हो सकता। पूरे देश में इस अवसर पर अलग-अलग नामों से वसंत उत्सव का आयोजन होता है। कहीं होली तो कहीं वसंत पंचमी उत्सव तो कहीं बहा आदि आदि अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है। वह इसलिए कि यह कोई धार्मिक आख्यान से नहीं बल्कि कृषि प्रधान देश होने के कारण कृषि से जुड़ा एक त्योहार है। इसकी महत्ता इसी में है कि हम सब मिलकर खुशियां बांटे और अपने देश को खूबसूरत बनाएं। वरिष्ठ रंगकर्मी संगीता ने अपनी जोगीरा -बोया पेड़ बबूल का आम कहां से होय, तुम गोबर में घी डालो, वह लंबी तान के सोए जोगीरा सा रा रा रा बड़का बड़का बात है बोले, काम करे ना छोट, सुक्खा भाषण में उलझा के, दे करारी चोट, जोगीरा सा रा रा रा के माध्यम से राजनैतिक व्यंग्य किया। पुष्प कुमार रॉय ने होली पर अपनी कविता -कुकु करके कोयल बोले, रंगों का त्योहार है होली सुनाया। मृदुला सिंह ने अपनी कविता तन् रंग लो मन भी रंग लो, जाति धर्म का भेद भुलाकर, अपने दिल में प्रेम का रंग भर लो, से होली के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम के संचालन में संगीता, लाडली राज, सुषमा, राहुल, सृति सुरभि ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर भोला कुमार, मनोज कुमार, सार्थक भरत, अमन अमन, जयकरण सत्यार्थी, सीनू कल्याणी जय नारायण आदि ने भी वर्चुअल माध्यम से शिरकत की।

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