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Rewari News : मसानी में PHC बनाने के लिए 361.40 लाख रूपए हुए मंजूर। डीसी ने कहा-मसानी बनाया जाएगा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र

रेवाड़ी, 30 अक्टूबर। रेवाड़ी जिले के मसानी गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बनाने के लिए 361.40 लाख रूपए मंजूर हुए है। मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से इस प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का शिलान्यास किया जा चुका है।

डीसी यशेन्द्र सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जिला में बोहतवास अहीर, गंगायचा अहीर व रतनथल में नवंबर माह में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शुरू हो जाएगें, इसके लिए सरकार द्वारा बजट मिल चुका है। उपायुक्त ने बताया कि जिले में धारूहेड़ा, भाड़ावास व फतेहपुरी पीएचसी को एनक्यूएएस के प्रमाण पत्र मिलने उपरंात जिले की पीएचसी नामत: बासदूधा व डहीना को भी इसी वर्ष में इसके लिए तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि एनक्यूएएस द्वारा चयन करने पर प्रथम पुरस्कार 5 लाख रुपए व एक प्रसस्ति पत्र दिया जाता है तथा यह राशि स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च की जाती है।
उपायुक्त ने बताया कि रेवाडी जिले में एक जरनल अस्पताल, कोसली में सब-डिवीजन अस्पताल, पांच सीएचसी (बावल, खोल, मीरपुर, गुरावड़ा व नाहड़) तथा 15 पीएचसी कार्यरत है। इसके अतिरिक्त तीन अर्बन पीएचसी (राजीव नगर, कुतुबपुर व आकेड़ा) में भी है। जिले में एक ट्रामा सैंटर भी कार्य कर रहा है।
यशेन्द्र सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय गुणवता आश्वासन मानदंड-एनक्यूएएस कार्यक्रम के लिए केन्द्र सरकार की टीम द्वारा रेवाड़ी जिले की धारूहेड़ा, फतेहपुरी व भाड़ावास पीएचसी को एनक्यूएएस प्रमाण-पत्र मिल चुका है तथा राष्ट्रीय गुणवता आश्वासन मानदंड-एनक्यूएएस कार्यक्रम के लिए केन्द्र सरकार की टीम द्वारा डहीना व बासदूधा की पीएचसी में उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी ली गई है इन पीएचसी को भी इस वर्ष एनक्यूएएस प्रमाण-पत्र  मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय गुणवता आश्वासन मानदंड के तहत पीएचसी में मूल्यांकन किया जाता है। पीएचसी की आधारित रचना, मरीजों को दी जाने वाली सुविधाएं, दवाईयों व अन्य साधनो की उपलब्धता, स्टाफ का व्यवहार, क्षमता व दक्षता, इंफैक्सन से बचाव के उपाय व बंदोबस्त, पीएचसी में बिजली, पानी, सुरक्षा, पार्किंग इत्यादि सुविधाओं की व्यवस्था, पीएचसी की सफाई, अस्पताल में मरीजों का रिकॉर्ड व रख-रखाव के साथ-साथ पीएचसी की सुविधाओं को आधार मानकर गुणवता निर्धारित की जाती है।
केन्द्रीय टीम निर्धारित मापदंडो के तहत मूल्यांकन करके भारत सरकार को अपनी रिपोर्ट भेजती है, 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करने उपरांत राष्ट्रीय स्तरीय प्रमाण पत्र जारी करती है। राष्ट्रीय गुणवता आश्वासन मानकों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ वैश्विक सर्वोतम प्रथाओं के लिए विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। एनक्यूएएस वर्तमान में जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी और शहरी पीएचसी के लिए उपलब्ध हैं। पूर्व निर्धारित मानकों के माध्यम से सुधार के लिए अपनी स्वयं की गुणवता का आकलन करने और प्रमाणन के लिए अपनी सुविधाओं को लाने के लिए मानक मुख्य रूप से प्रदाताओं के लिए हैं।
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Editor - राजेश शर्मा : रेवाड़ी (हरि.) - 9813263002

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- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

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