ग्राम समाचार गोड्डा, ब्यूरो रिपोर्टः- गोड्डा जिले के पथरगामा प्रखंड अंतर्गत बाराबांध गांधीग्राम स्थित गदाधर मिश्र स्मारक निधि खादी ग्रामोद्योग के सौजन्य से तत्कालीन प्रशासक रत्नेश्वर बाबू के निर्देशन में 70 के दशक में गांधीग्राम के बगल गीर निस्तरा पंचायत के औराटांड़ मौजा में लगभग 7 एकड़ भू-भाग पर बनाया गया जयप्रकाश उद्यान वर्तमान में रखरखाव के अभाव में उजाड़ बियावान में तब्दील हो गया है।कभी गोड्डा जिले के फूलों से सजे खूबसूरत अतीत के पन्नों में जयप्रकाश उद्यान का नाम काफी दिलचस्प आकर्षक के रूप में दर्ज था।नजर भर कर देखने के लिए जिले भर से लोग यहां आया करते थे।उस वक्त काफी खूबसूरत पिकनिक स्पॉट के रूप में इसका नाम अग्रगण्य था।सैलानी यहां आकर अपने को धन्य समझते थे।कई माली लगातार दिन रात इसे सजाने संवारने में लगे रहते थे।परंतु अचानक गदाधर मिश्रा स्मारक निधि की कार्यकलाप ठप हो जाने के चलते जयप्रकाश उद्यान के रखरखाव पर ग्रहण लगना शुरू हो गया।माली को वेतन नहीं मिलने लगा जिसके चलते माली लोग एक-एक कर निकलते चले गए।बस यही से जयप्रकाश उद्यान का दूर्दिन शुरू हो गया।जयप्रकाश उद्यान का मुख्य दरवाजा बंद कर ताला लगा दिया गया।सैलानियों का आना जाना बंद हो गया। धीरे-धीरे यह उपवन उजाड़ बियावान में बदल गया।उद्यान की सुरक्षा के लिए उद्यान को चारों ओर कटीले तारों से घेर दिया गया था।कटीला तार जर्जर होकर जगह-जगह से टूट कर गिर गया है।कटीले तारों के घेरे के अंदर वृक्ष लगाए गए थे जो अब जयप्रकाश उद्यान के घेराबंदी की भूमिका में सर झुकाए इस तरह खड़ा है जैसे वह अपने उद्धार के लिए किसी मसीहा का इंतजार कर रहा हो। जयप्रकाश उद्यान की रक्षा के लिए लोगों ने कई दरवाजे खटखटाए परंतु अब तक कोई भी नतीजा निकल कर सामने नहीं आ पाया है|आज से 4 माह पूर्व बुद्धिजीवी जागरण मंच झारखंड प्रदेश औराटांड़ के महासचिव डॉ बिंदु कुमारी ने तत्कालीन उपायुक्त किरण पासी को आवेदन देकर जयप्रकाश उद्यान के जीर्णोद्धार की गुहार लगाई थी।लेकिन उनकी तबादला हो जाने के कारण मामला खटाई में पड़ गयी।अब लोग गोड्डा के नए उपायुक्त भोर सिंह यादव की तरफ इस नियत से टकटकी लगाए देख रहे हैं ताकि जयप्रकाश उद्यान का जीर्णोधार हो सके।एक बार फिर पूर्व की भांति खुशबू फैला सके।मालूम हो कि अगर बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत जयप्रकाश उद्यान को पुष्प वाटिका से सजाते हुए फलदार एवं हर्बल उद्यान लगाकर इसका जीर्णोद्धार करने से एक तरफ जयप्रकाश उद्यान अपनी खोई हुई पुरानी खूबसूरती पा लेगा तो दूसरी तरफ सैकड़ों लोगों को रोजगार भी मिल जाएगा। इतिहास खुद को दोहराता है।इसी उदाहरण को लोग सच में बदलते देखने के लिए उत्सुक हैं।ऐसे में अब देखना यह है कि लोगों की मंशा कब पूरी होती है।
GoddaNews: कल का गुलशन आज बन गया उजड़ा चमन
ग्राम समाचार गोड्डा, ब्यूरो रिपोर्टः- गोड्डा जिले के पथरगामा प्रखंड अंतर्गत बाराबांध गांधीग्राम स्थित गदाधर मिश्र स्मारक निधि खादी ग्रामोद्योग के सौजन्य से तत्कालीन प्रशासक रत्नेश्वर बाबू के निर्देशन में 70 के दशक में गांधीग्राम के बगल गीर निस्तरा पंचायत के औराटांड़ मौजा में लगभग 7 एकड़ भू-भाग पर बनाया गया जयप्रकाश उद्यान वर्तमान में रखरखाव के अभाव में उजाड़ बियावान में तब्दील हो गया है।कभी गोड्डा जिले के फूलों से सजे खूबसूरत अतीत के पन्नों में जयप्रकाश उद्यान का नाम काफी दिलचस्प आकर्षक के रूप में दर्ज था।नजर भर कर देखने के लिए जिले भर से लोग यहां आया करते थे।उस वक्त काफी खूबसूरत पिकनिक स्पॉट के रूप में इसका नाम अग्रगण्य था।सैलानी यहां आकर अपने को धन्य समझते थे।कई माली लगातार दिन रात इसे सजाने संवारने में लगे रहते थे।परंतु अचानक गदाधर मिश्रा स्मारक निधि की कार्यकलाप ठप हो जाने के चलते जयप्रकाश उद्यान के रखरखाव पर ग्रहण लगना शुरू हो गया।माली को वेतन नहीं मिलने लगा जिसके चलते माली लोग एक-एक कर निकलते चले गए।बस यही से जयप्रकाश उद्यान का दूर्दिन शुरू हो गया।जयप्रकाश उद्यान का मुख्य दरवाजा बंद कर ताला लगा दिया गया।सैलानियों का आना जाना बंद हो गया। धीरे-धीरे यह उपवन उजाड़ बियावान में बदल गया।उद्यान की सुरक्षा के लिए उद्यान को चारों ओर कटीले तारों से घेर दिया गया था।कटीला तार जर्जर होकर जगह-जगह से टूट कर गिर गया है।कटीले तारों के घेरे के अंदर वृक्ष लगाए गए थे जो अब जयप्रकाश उद्यान के घेराबंदी की भूमिका में सर झुकाए इस तरह खड़ा है जैसे वह अपने उद्धार के लिए किसी मसीहा का इंतजार कर रहा हो। जयप्रकाश उद्यान की रक्षा के लिए लोगों ने कई दरवाजे खटखटाए परंतु अब तक कोई भी नतीजा निकल कर सामने नहीं आ पाया है|आज से 4 माह पूर्व बुद्धिजीवी जागरण मंच झारखंड प्रदेश औराटांड़ के महासचिव डॉ बिंदु कुमारी ने तत्कालीन उपायुक्त किरण पासी को आवेदन देकर जयप्रकाश उद्यान के जीर्णोद्धार की गुहार लगाई थी।लेकिन उनकी तबादला हो जाने के कारण मामला खटाई में पड़ गयी।अब लोग गोड्डा के नए उपायुक्त भोर सिंह यादव की तरफ इस नियत से टकटकी लगाए देख रहे हैं ताकि जयप्रकाश उद्यान का जीर्णोधार हो सके।एक बार फिर पूर्व की भांति खुशबू फैला सके।मालूम हो कि अगर बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत जयप्रकाश उद्यान को पुष्प वाटिका से सजाते हुए फलदार एवं हर्बल उद्यान लगाकर इसका जीर्णोद्धार करने से एक तरफ जयप्रकाश उद्यान अपनी खोई हुई पुरानी खूबसूरती पा लेगा तो दूसरी तरफ सैकड़ों लोगों को रोजगार भी मिल जाएगा। इतिहास खुद को दोहराता है।इसी उदाहरण को लोग सच में बदलते देखने के लिए उत्सुक हैं।ऐसे में अब देखना यह है कि लोगों की मंशा कब पूरी होती है।

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