expr:class='"loading" + data:blog.mobileClass'>

Pakur News: लिट्टीपाड़ा काम मांगो काम पाओ अभियान


ग्राम समाचार, पाकुड़। लिट्टीपाड़ा की हेमंत सोरेन सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा में सभी मजदूरों को शत प्रतिशत रोजगार दिलाने में प्रयासरत है इसी क्रम में ग्रामीण विकास मंत्री माननीय आलमगीर आलम के पहल से विभाग ने शत प्रतिशत वास्तविक मजदूर को मनरेगा की कार्यो से जोड़ने के लिए सोशल ऑडिट यूनिट के माध्यम से काम मांगो काम पाओ अभियान में जुड़ने की आदेश दिए है। लगातार काम की डिमांड लिया जा रहा है,उसी के साथ शनिवार को कर्मा छुट्टी रहने के वाबजूद भी प्रखंड लिट्टीपाड़ा में जाकर पाकुड़ फील्ड कोडिनेटर कंचन मंडल ने मजदूर से रु बरु हुए,ओर काम मिल रहा है या नही उसकी जानकारी भी लिए। देखा गया कि मजदूर तक मास्टर रोल पहुँच रहा है। इस अभियान के तहत सोशल ऑडिट यूनिट के सदस्य एवं मजदूर मंच के सदस्यों द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में घर घर जाकर मनरेगा योजनाओं की जानकारी मजदूरों से साझा कर सीधे उनसे काम की मांग की आवेदन प्राप्त कर रहे हैं तथा email/WhatsApp के माध्यम से काम की मांग का आवेदन प्रखंड एवं जिला कार्यालय को भेजी जा रही है।सरकार के इस प्रयास से ग्रामीण क्षेत्र में मजदूरों को वक्त पर रोजगार मिलने के साथ साथ परिसंपत्तियों का निर्माण भी हो रहे है।जिले में अब तक इस अभियान के दौरान 11674 मजदूरों ने काम की मांग की है। सोशल ऑडिट टीम ने भी ठान लिए है कि मजदूर को 15 दिन में काम,ओर 15 दिन में भुगतान कराने का संकल्प लिए है। क्या कहते है सोशल ऑडिट के डीआरपी अनंत मंडलह हमाराप्रयास है कि इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्र के जरूरतमंद मजदूरों को मनरेगा के अंतर्गत रोजगार मिले। जिन्होंने काम की मांग की है उन्हें सही वक्त पर काम मिलता है तो उसके साथ साथ उसका भुगतान भी सही वक्त पर हो जाय तो लोगों का मनरेगा के प्रति विश्वास औबर बढ़ेगा।दिलचस्पी की बात यह है की पहली बार मजदूर अधिकारियों को लक्ष्य दे रहे हैं और मनरेगा सही रुप से अपने मकसद की ओर बढ़ रहा है।


Share on Google Plus

Editor - रंजीत भगत, पाकुड़

ग्राम समाचार से आप सीधे जुड़ सकते हैं-
Whatsaap Number -8800256688
E-mail - gramsamachar@gmail.com

* ग्राम समाचार से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

* ग्राम समाचार के "खबर से असर तक" के राष्ट्र निर्माण अभियान में सहयोग करें। ग्राम समाचार एक गैर-लाभकारी संगठन है, हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

टिप्पणी पोस्ट करें