expr:class='"loading" + data:blog.mobileClass'>

Rewari News : तालाबों को ठीक कर बरसात का पानी करें स्टोर, NGT की गाइडलाइन पर अमल करें अधिकारी : यशेन्द्र सिंह

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण से संबंधित अधिकारियों की बैठक लेते हुए डीसी यशेन्द्र सिंह।

ग्राम समाचार न्यूज : रेवाड़ी : डीसी यशेन्द्र सिंह ने कहा है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की जो गाईडलाइन है उस पर अमल करें, जो भी एनजीटी द्वारा निर्देश दिए गए है उनका अक्षरक्ष पालन हो।
डीसी यशेन्द्र सिंह वीरवार को जिला सचिवलय सभागार में राष्ट्रीय हरित अधिकरण की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी जिला में 227 अस्पतालों में से 30 अस्पताल अभी ऐसे है जिन्होंने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अधिकृत प्रमाण पत्र नहीं लिया है। ऐसे अस्पताल 31 जुलाई तक प्रदूषण बोर्ड से ऑथराईजेशन सर्टिफिकेट ले लें, ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों को 15 सितंबर तक बार कोड सिस्टम अपनाना है ताकि ऑनलाइन मॉनिटरिंग हो सकें। उन्होंने कहा कि जिन अस्पतालों में बैड की व्यवस्था है उस अस्पताल के संचालक अस्पतालों में 30 सितंबर तक ट्रीटमेंट प्लांट लगाएं।
उपायुक्त ने नगर परिषद व एचएसआईआईडीसी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि 30 सितंबर तक डोर-टू-डोर सोलिड वेस्ट कलैक्शन का कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर के सभी पार्को में 30 सितंबर तक गीला कूड़ा के ट्रीटमेंट की योजना बनाएं। उन्होंने कहा कि पार्को में वृक्षों से गिरने वाले पत्तो के लिए पार्को में ही कम्पोस्ट साईट तैयार करें। प्लास्टिक वेस्ट मैटिरियल के बारें में उन्होंने कहा कि 31 अगस्त तक वेस्ट प्लास्टिक मैटिरियल की स्टोरेज का प्रबंध करें। उन्होंने कहा कि 30 सितंबर तक बल्क वेस्ट जनरेटर की पहचान कर एनजीटी के नियमों के अनुसार कार्य करें। उन्होंने कहा कि गांवों में जितने भी पुराने तालाब है उनको ठीक कर उनमें बरसात का पानी स्टोर करें ताकि भूमि जल-स्तर ऊंचा हो सकें। उन्होंने बायोमैडिकल वेस्ट के बारे में सीएमओ व आईएमए को भी निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि जिला में बल्क वेस्ट जनरेटर्स की पहचान कर उन्हें सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करके उसका निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को अपने घर में सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करने के लिए प्रोत्साहित करें। इसके बाद इस कचरे का वहीं पर निस्तारण करने की व्यवस्था की जाए। डीसी ने कहा कि उत्पन्न होने वाले गीले कचरे से उनके द्वारा कम्पोस्ट खाद बनाया जाए तथा बाकि कचरे का निष्पादन करें।
  बैठक में बताया गया कि पर्यावरण विभाग द्वारा गठित टीम जिसमें सीएमओ, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता, नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी व प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी शामिल है, यह टीम निरंतर निरीक्षण करें।
इस मौके पर एडीसी राहुल हुड्डा, एसडीएम रेवाड़ी रविन्द्र यादव, एसडीएम कोसली कुशल कटारिया, एसडीएम बावल रविन्द्र कुमार, सीटीएम संजीव कुमार, डीएसपी अमित भाटिया, ईओ एमसी विजयपाल, सीएमओ सुशील माही, ईओ एचएसआईआईडीसी, नगरपालिका धारूहेड़ा व बावल के सचिव समयपाल, प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कमलजीत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
Share on Google Plus

Editor - राजेश शर्मा : रेवाड़ी (हरि.) - 9813263002

ग्राम समाचार से आप सीधे जुड़ सकते हैं-
Whatsaap Number -8800256688
E-mail - gramsamachar@gmail.com

* ग्राम समाचार से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

* ग्राम समाचार के "खबर से असर तक" के राष्ट्र निर्माण अभियान में सहयोग करें। ग्राम समाचार एक गैर-लाभकारी संगठन है, हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

टिप्पणी पोस्ट करें