expr:class='"loading" + data:blog.mobileClass'>

Rewari News : ऑनलाइन ठगी व साईबर क्राइम को रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक ने जारी की एडवाइजरी

रेवाड़ी पुलिस अधीक्षक नाज़नीन भसीन. 

रेवाड़ी पुलिस ने अवैध हथियार रखने वालों पर कसा शिकंजा, अलग अलग स्थानों से तीन गिरफ्तार, हथियार बरामद:-

रेवाड़ी पुलिस ने अवैध हथियार रखने वालों तथा उनसे अपराध करने वालों पर शिकंजा कसते हुए तीन जगह अलग अलग मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है 
बावल थाना पुलिस ने करवाई करते हुए दो अपराधियों को  अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। जानकारी देते हुए जांचकर्ता ने बतलाया की गुप्त सूत्रों से सुचना मिली की एक लड़का चांदुवास पुल के नीचे अपनी मोटरसाइकिल पर अवैध हथियार लिए हुए अपराध करने की नियत से किसी के इन्तजार में खड़ा है। जिस सुचना पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान साहिल निवासी रामसिंह्पुरा जिला अलवर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक देशी पिस्तौल तथा एक जिन्दा कारतूस बरामद किया है। 
वही टांकडी मोड से आरोपी मंजीत निवासी टांकडी को एक देशी पिस्तौल तथा एक जिन्दा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। 
इसी क्रम में रामपुरा थाना पुलिस ने नाकाबंदी करते हुए सुलखा टी पॉइंट से एक आरोपी को एक देशी पिस्तौल तथा एक जिन्दा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बधराना निवासी राजकुमार उर्फ राजू के रूप में हुई है। 
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए इनके कब्जे से तीन देशी पिस्तौल तथा तीन जिन्दा कारतूस बरामद किये है। आरोपीयों को कोविड-19 टेस्ट करवाकर आइसोलेसन सेंटर धामलावास में रखा गया है।


*आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में आरोपी पति गिरफ्तार:-

स्थानीय कोसली थाना पुलिस ने दहेज प्रताडना तथा आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में आरोपी पति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अहमदपुर पड़तल निवासी सोमबीर के रूप में हुई है. जानकारी देते हुए जांचकर्ता ने बतलाया की अहमदपुर पड़ताल विवासी एक युवती की रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो जाने पर उसके भाई नाहड निवासी नरेश ने शिकायत दी की मेरी बहन पूनम की शादी 2005 में सोमबीर के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद उसके पति व ससुरालजनो ने उसकी बहन को दहेज के लिए मारना पीटना व मानसिक तौर पर प्रेषण करना शुरू कर दिया। फिर सबको समझा बुझाकर अपनी बहन को सोमबीर जो की आर्मी में नौकरी करता है, के साथ भिजवा दिया। जिसने फिर किसी बहाने से वापिस लाकर कोसली रहने लगे और कुछ समय बाद फिर पहले की तरह परेशान करने लगे। नरेश की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करके बीती शाम आरोपी सोमबीर को गिरफ्तार कर लिया है।


*ऑनलाइन ठगी व साईबर क्राइम को रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक ने जारी की एडवाइजरी:-

     इंटरनेट वर्तमान में जीवन की आवश्यकता बन गया है। इसके साथ ही साइबर अपराध के मामले भी बढ़ रहे हैं। जागरूक व सतर्क रहकर इनसे निपटा जा सकता है। पुलिस अधीक्षक रेवाडी ने साइबर ठगों से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की। लोगों के लिए यह बेहद अहम साबित हो सकती है। कोरोना महामारी से निदान के लिए लगाए गए लॉकडाउन में लोगों ने ऑनलाइन शॉपिंग को तेजी से अपनाया है। साइबर ठग इसे सुनहरे मौके की तरह देख रहे हैं।
लोगों के लिए दी सलाह।
बैंक फ्रॉड से बचें:
अकाउंट नंबर, ओ टी पी, फोन कॉल पर डिटेल शेयर न करें.
कोई भी बैंक अथवा इन्सुरांस कंपनी कर्मचारी कॉल करके आपसे डिटेल नही मांगता.
नेट बैंकिंग करते वक्त रहें सतर्क:
यूजर नेम व पासवर्ड शेयर न करें।
https वेबसाइट का प्रयोग करें।
इन्टरनेट कैफे में नेट बैंकिंग का प्रयोग न करें।
फ्री वाई फाई में नेट बैंकिंग का प्रयोग न करें।
ट्रांजेक्शन लिमिट सेट करें।
एस एम एस अलर्ट ऑन रखें।
एटीएम फ्रॉड से बचें:
डिटेल जैसे CVV, OTP नंबर तथा पिन शेयर न करें।
किसी अनजान व्यक्ति की मदद न लें. वह एटीएम में आपका कार्ड बदल सकता है।
खरीददारी के वक्त कार्ड अपने सामने स्वाईप करें।
SECURE & TRUSTED WEBSITE से खरीददारी करें।
किसी SUSPICIOUS VENDER के पास PAYMENT CARD SWIPE न करें।
किसी भी SUSPICIOUS लिंक/ जैकपॉट/ फ्री रीचार्ज पर क्लिक न करें।
फेसबुक फ्रॉड से बचने के लिए किसी भी अनजान व्यक्ति से दोस्ती न करें।
न ही किसी अनजान व्यक्ति के द्वारा भेजे गए मैसेज विश्वास करें।
पर्सनल इन्फोर्मेशन शेयर न करें. अपराधी इनका इस्तेमाल करके आपका करीबी होने का नाटक कर सकता है और आपसे बैंक डिटेल मांग सकता है।
सोशल नेटवर्किंग के अनजान दोस्तों से मिलने से बचें।
प्राईवेसी सेट्टिंग का इस्तेमाल करें।
फेसबुक पर संवेदनशील पोस्ट शेयर न करें।

    अगर कोई अपरिचित व्यक्ति फोन करके किसी एप्लीकेशन को डाउनलोड करने के लिए कहता है तो उसे डाउनलोड ना करें। इससे मोबाइल हैक हो सकता है।
    जालसाज पहले आपके फोन में एप्लिकेशन डाउनलोड कराते हैं, फिर केवाईसी के नाम पर आपसे 1 या 10 रुपये आपके ही बैंक अकाउट में ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं। जब आप उनके कहे मुताबिक ट्राजेक्शन करते हैं तो उसी वक्त वह आपके हैक हुए फोन से आपके खाते से पैसे निकाल लेते है।
    एटीएम बूथ पर पैसे निकालते समय भी सावधानी बरनते की जरूरत है। एटीएम बूथ पर अपना पिन किसी को ना बताएं और ना ही दिखाएं। अपना कार्ड भी किसी को ना दें।
एटीएम बूथ में किसी अपरिचित व्यक्ति से सहायता लेने पर धोखाधड़ी की आशंका बहुत अधिक बढ़ जाती है।
सबसे ज्यादा साइबर ठगी आजकल फोन पर बैंक या ई-वॉलेट कंपनी के अधिकारी बनकर हो रही है।
अगर कोई बैंक अकाउंट, डेबिट या क्रेडिट कार्ड बंद होने के नाम पर बैंक खाते की जानकारी मांगे तो तुरंत सतर्क हो जाएं। किसी से भी यह जानकारी शेयर ना करें।
ऑनलाइन नेट बैंकिग का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतें। इलाज में खर्च रकम की प्रतिपूर्ति करने के नाम पर ई-मेल, वाट्सएप मैसेज भेजकर लोगों को झांसे में ले रहे हैं। इससे बचने की जरूरत है। शातिर बैंक खाते की पूरी जानकारी लेकर, हैक कर ऑनलाइन पैसे उड़ा रहे हैं। कई मामलों में ठगों ने ऑनलाइन शापिंग भी की है। इसे देखते हुए तकरीबन हर राज्य की पुलिस ने लोगों को अलर्ट किया है।
Share on Google Plus

Editor - राजेश शर्मा : रेवाड़ी (हरि.) - 9813263002

ग्राम समाचार से आप सीधे जुड़ सकते हैं-
Whatsaap Number -8800256688
E-mail - gramsamachar@gmail.com

* ग्राम समाचार से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

* ग्राम समाचार के "खबर से असर तक" के राष्ट्र निर्माण अभियान में सहयोग करें। ग्राम समाचार एक गैर-लाभकारी संगठन है, हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

टिप्पणी पोस्ट करें