ग्राम समाचार मिहिजाम।
कोरोना को लेकर देश भर में लॉक-डाउन जारी है इस बिच इसका बेहतर प्रभाव यहाँ के पर्यावरण पर पड़ता दिख रहा है। लॉक डाउन के कारण अत्यधिक वाहनों कि चलन की गति में गिरावट आई है। जिस वजह से वातावरण स्वच्छ और शुद्ध हो गया है इसका प्रत्यक्ष प्रमाण केलाही पहाड़ है इस पर्वत का दीदार अब कई इलाके से हो रहा है केलाही पहाड़ के दर्शन अब काफी दूर से लोग कर रहे है जहां एक और उसी पहाड़ में लॉक डाउन से पहले ब्लास्टिंग कर पत्थर निकालने का कार्य किया जा रहा था जिससे पुरे केलाही गाँव प्रदूषित हो रहा था साथ ही लोगों में भय का माहौल हुआ करता था विदित हो कि बलास्ट के दौरान लोगों के घरों में दरारे भो पड़ जाया करता था। अब लॉक डाउन होने के कारण ब्लास्टिंग का कार्य बंद हो गया है जिससे गाँव के लोगो को शुद्ध हवा के साथ भयमुक्त वातावरण में जीने का आनंद मिल पा रहा है। पहाड़ भी स्वच्छ और सुन्दर दिखने लगा है जिसका नज़ारा भव्य व दिल को ठंडक अभास कराता है। जिसकी छटा वर्तमान परिवेश में देखते ही बनती है। इस पर्वत का पौराणिक महत्व भी रहा है। यहाँ के मूल निवासियों द्वारा कहा जाता है कि इस पर्वत के शिखर पर एक गुफानुमा स्थल भी है जहाँ पुराण काल में ऋषि मुनि साधु तप किया करते थे। इन्ही सब मान्यताओं का भव्य दर्शन करने के साथ ही पर्वत शिखर से मिहिजाम शहर का नज़ारा और नदियों की खूबसूरती का दृश्य मन को आकर्षित करता है जिसे देखने काफ़ी संख्या में लोग आया करते थे। साथ ही अंग्रेजी नव वर्ष में वन भोज का आनंद भी लिया जाता रहा है।
- रोहित शर्मा, ग्राम समाचार, मिहिजाम
कोरोना को लेकर देश भर में लॉक-डाउन जारी है इस बिच इसका बेहतर प्रभाव यहाँ के पर्यावरण पर पड़ता दिख रहा है। लॉक डाउन के कारण अत्यधिक वाहनों कि चलन की गति में गिरावट आई है। जिस वजह से वातावरण स्वच्छ और शुद्ध हो गया है इसका प्रत्यक्ष प्रमाण केलाही पहाड़ है इस पर्वत का दीदार अब कई इलाके से हो रहा है केलाही पहाड़ के दर्शन अब काफी दूर से लोग कर रहे है जहां एक और उसी पहाड़ में लॉक डाउन से पहले ब्लास्टिंग कर पत्थर निकालने का कार्य किया जा रहा था जिससे पुरे केलाही गाँव प्रदूषित हो रहा था साथ ही लोगों में भय का माहौल हुआ करता था विदित हो कि बलास्ट के दौरान लोगों के घरों में दरारे भो पड़ जाया करता था। अब लॉक डाउन होने के कारण ब्लास्टिंग का कार्य बंद हो गया है जिससे गाँव के लोगो को शुद्ध हवा के साथ भयमुक्त वातावरण में जीने का आनंद मिल पा रहा है। पहाड़ भी स्वच्छ और सुन्दर दिखने लगा है जिसका नज़ारा भव्य व दिल को ठंडक अभास कराता है। जिसकी छटा वर्तमान परिवेश में देखते ही बनती है। इस पर्वत का पौराणिक महत्व भी रहा है। यहाँ के मूल निवासियों द्वारा कहा जाता है कि इस पर्वत के शिखर पर एक गुफानुमा स्थल भी है जहाँ पुराण काल में ऋषि मुनि साधु तप किया करते थे। इन्ही सब मान्यताओं का भव्य दर्शन करने के साथ ही पर्वत शिखर से मिहिजाम शहर का नज़ारा और नदियों की खूबसूरती का दृश्य मन को आकर्षित करता है जिसे देखने काफ़ी संख्या में लोग आया करते थे। साथ ही अंग्रेजी नव वर्ष में वन भोज का आनंद भी लिया जाता रहा है।
- रोहित शर्मा, ग्राम समाचार, मिहिजाम

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