ग्राम समाचार मिहिजाम।
राज्य परियोजना निदेशक उमा शंकर सिंह, रांची के अध्यक्षता में माइक्रोसॉफ्ट टीम्स के माध्यम से डिजी साथ कार्यक्रम के अंतर्गत विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिये राज्य के सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी एवं प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों से बात की गई। उन्होंने राज्य में उपलब्ध आँकड़ों के हवाले से ख़राब प्रदर्शन कर रहे प्रखंडों पर गहरा रोष प्रकट किया। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि बच्चों को गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करना सामूहिक जिम्मेवारी है एवं सभी अधिकारी चाहे वो विद्यालय में काम कर रहा एक शिक्षक ही क्यों न हो, सबको अपनी जिम्मेवारी एवं भूमिकाओं को निभाते हुए डिजी साथ कार्यक्रम को सफल बनाना चाहिए। श्री सिंह ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि अभी भी बहुत ऐसे पदाधिकारी है जो इस तरह के महत्वकांक्षी कार्यक्रमों के साथ सौतेला व्यवहार करते है जो कि कई बर्दास्त करने योग्य नही हैं। इसलिए सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी एवं प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए निम्नलिखित निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया-
1. प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी एवं प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि संकुल एवं विद्यालय स्तर पर शत-प्रतिशत व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जा चूका है एवं नियमित रूप से शिक्षकगण अभिभावकों को जोड़ने का प्रयास कर रह है।
2. प्रखंड के सभी विद्यालय डिजिटल कंटेंट को अभिभावकों के व्हाट्सएप ग्रुप में भेजने के पश्चात् पुष्टिकरण फॉर्म भरना सुनिश्चित करेंगे | पुष्टिकरण फॉर्म नहीं भरने वाले प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
3. डिजिटल कंटेंट को भेजने के बाद पुष्टिकरण फार्म सभी विद्यालय के सभी शिक्षक को भरना अनिवार्य है।
4. सभी शिक्षक को प्रतिदिन अपने विद्यालय/कक्षा के 5 अभिभावकों या बच्चों से बात कर उसके पढाई एवं उसमें किसी प्रकार की समस्या हो तो बात करेंगे।
5. 11 मई से दुरदर्शन पर सुबह 10-12 एवं 1-2 के बीच तीन घंटे की अलग-अलग विषयों की कक्षा होगी। दूरदर्शन पर प्रसारित कार्यक्रम से अधिकाधिक बच्चे लाभान्वित हो, इसे प्रखंड पदाधिकारी सुनिश्चित करेंगे।
6. जिन बच्चों के पास टिवी नहीं है एवं एंड्राइड मोबाइल है, तो वे दूरदर्शन के यूट्यूब चैनल के माध्यम से लाइव या पीछे के पाठ को देख सकते हैं। यूट्यूब के इस्तेमाल संबंधी तकनीकी सहयोग शिक्षकों।
7. डिजी साथ कार्यक्रम के अंतर्गत में जो प्रधानाध्यापक/शिक्षक बेहतर कर रहे हैं, उनका विवरण प्रखंड पदाधिकारी पीरामल फाउंडेशन के राज्य प्रतिनिधियों के माध्यम से राज्य को उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करेंगे।
8. प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी एवं प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी के अध्यक्षता में सभी शिक्षकों एवं संकुल संसाधन सेवियों के कार्यों की समीक्षा पाक्षिक की जाएगी।
इस क्रम में, नीति आयोग द्वारा संचालित “प्रोजेक्ट-ई” के राज्य प्रतिनिधि सुजीत कुमार ने बताया कि संकुल संसाधन सेवियों एवं विद्यालय के प्रधानाध्यापकों द्वारा गूगल फॉर्म के माध्यम से दिए गए सूचना के अनुसार विद्यालय स्तर पर 77% ही व्हाटएप ग्रुप बना है जबकि 22% अभिभावकों को जोड़ा गया है। अगर नियमित रूप से डिजिटल कंटेंट को फॉरवर्ड करने की स्तिथि देखा जाये तो 90% संकुल संसाधन सेवी ही नियमित रूप से डिजिटल कंटेंट फॉरवर्ड करते है जबकि 59% जो कि 6 मई को दर्ज किये गए डाटा में सबसे अधिक था, विद्यालय ही डिजिटल कंटेंट को फॉरवर्ड करते है। इस दिशा में श्री कुमार ने बताया कि जामताड़ा जिले को इस दिशा में मेहनत करने की जरुरत है। प्रखंडवार डाटा साझा करते हुए उन्होंने बताया कि जामताड़ा में 93%, करमाटार में 83% एवं कुंडहित में 81% विद्यालयों में विद्यालय स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जा चूका है। जबकि इस मामले में फतेहपुर में 60% एवं नाला में 71% विद्यालय स्तरीय व्हाट्सएप ग्रुप बना है जो कि अन्य प्रखंडों के अपेक्षाकृत ख़राब प्रदर्शन है। उन्होंने ने बताया कि प्रत्येक दिन शिक्षकों के द्वारा डिजिटल कंटेंट को फॉरवर्ड करने के मामले में कुंडहित 34% एवं नाला 41% को कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता है| विडियो कांफ्रेंस में नारायणपुर प्रखंड के शिक्षा प्रसार पदाधिकारी श्री बंशीधर राम, कुंडहित प्रखंड से श्रीमती ईस्टर मुर्मू, जामताड़ा श्री विपिन कुमार एवं फतेहपुर प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों आदि ने भाग लिया।
रोहित शर्मा, ग्राम समाचार, मिहिजाम
राज्य परियोजना निदेशक उमा शंकर सिंह, रांची के अध्यक्षता में माइक्रोसॉफ्ट टीम्स के माध्यम से डिजी साथ कार्यक्रम के अंतर्गत विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिये राज्य के सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी एवं प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों से बात की गई। उन्होंने राज्य में उपलब्ध आँकड़ों के हवाले से ख़राब प्रदर्शन कर रहे प्रखंडों पर गहरा रोष प्रकट किया। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि बच्चों को गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करना सामूहिक जिम्मेवारी है एवं सभी अधिकारी चाहे वो विद्यालय में काम कर रहा एक शिक्षक ही क्यों न हो, सबको अपनी जिम्मेवारी एवं भूमिकाओं को निभाते हुए डिजी साथ कार्यक्रम को सफल बनाना चाहिए। श्री सिंह ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि अभी भी बहुत ऐसे पदाधिकारी है जो इस तरह के महत्वकांक्षी कार्यक्रमों के साथ सौतेला व्यवहार करते है जो कि कई बर्दास्त करने योग्य नही हैं। इसलिए सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी एवं प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए निम्नलिखित निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया-
1. प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी एवं प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि संकुल एवं विद्यालय स्तर पर शत-प्रतिशत व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जा चूका है एवं नियमित रूप से शिक्षकगण अभिभावकों को जोड़ने का प्रयास कर रह है।
2. प्रखंड के सभी विद्यालय डिजिटल कंटेंट को अभिभावकों के व्हाट्सएप ग्रुप में भेजने के पश्चात् पुष्टिकरण फॉर्म भरना सुनिश्चित करेंगे | पुष्टिकरण फॉर्म नहीं भरने वाले प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
3. डिजिटल कंटेंट को भेजने के बाद पुष्टिकरण फार्म सभी विद्यालय के सभी शिक्षक को भरना अनिवार्य है।
4. सभी शिक्षक को प्रतिदिन अपने विद्यालय/कक्षा के 5 अभिभावकों या बच्चों से बात कर उसके पढाई एवं उसमें किसी प्रकार की समस्या हो तो बात करेंगे।
5. 11 मई से दुरदर्शन पर सुबह 10-12 एवं 1-2 के बीच तीन घंटे की अलग-अलग विषयों की कक्षा होगी। दूरदर्शन पर प्रसारित कार्यक्रम से अधिकाधिक बच्चे लाभान्वित हो, इसे प्रखंड पदाधिकारी सुनिश्चित करेंगे।
6. जिन बच्चों के पास टिवी नहीं है एवं एंड्राइड मोबाइल है, तो वे दूरदर्शन के यूट्यूब चैनल के माध्यम से लाइव या पीछे के पाठ को देख सकते हैं। यूट्यूब के इस्तेमाल संबंधी तकनीकी सहयोग शिक्षकों।
7. डिजी साथ कार्यक्रम के अंतर्गत में जो प्रधानाध्यापक/शिक्षक बेहतर कर रहे हैं, उनका विवरण प्रखंड पदाधिकारी पीरामल फाउंडेशन के राज्य प्रतिनिधियों के माध्यम से राज्य को उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करेंगे।
8. प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी एवं प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी के अध्यक्षता में सभी शिक्षकों एवं संकुल संसाधन सेवियों के कार्यों की समीक्षा पाक्षिक की जाएगी।
इस क्रम में, नीति आयोग द्वारा संचालित “प्रोजेक्ट-ई” के राज्य प्रतिनिधि सुजीत कुमार ने बताया कि संकुल संसाधन सेवियों एवं विद्यालय के प्रधानाध्यापकों द्वारा गूगल फॉर्म के माध्यम से दिए गए सूचना के अनुसार विद्यालय स्तर पर 77% ही व्हाटएप ग्रुप बना है जबकि 22% अभिभावकों को जोड़ा गया है। अगर नियमित रूप से डिजिटल कंटेंट को फॉरवर्ड करने की स्तिथि देखा जाये तो 90% संकुल संसाधन सेवी ही नियमित रूप से डिजिटल कंटेंट फॉरवर्ड करते है जबकि 59% जो कि 6 मई को दर्ज किये गए डाटा में सबसे अधिक था, विद्यालय ही डिजिटल कंटेंट को फॉरवर्ड करते है। इस दिशा में श्री कुमार ने बताया कि जामताड़ा जिले को इस दिशा में मेहनत करने की जरुरत है। प्रखंडवार डाटा साझा करते हुए उन्होंने बताया कि जामताड़ा में 93%, करमाटार में 83% एवं कुंडहित में 81% विद्यालयों में विद्यालय स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जा चूका है। जबकि इस मामले में फतेहपुर में 60% एवं नाला में 71% विद्यालय स्तरीय व्हाट्सएप ग्रुप बना है जो कि अन्य प्रखंडों के अपेक्षाकृत ख़राब प्रदर्शन है। उन्होंने ने बताया कि प्रत्येक दिन शिक्षकों के द्वारा डिजिटल कंटेंट को फॉरवर्ड करने के मामले में कुंडहित 34% एवं नाला 41% को कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता है| विडियो कांफ्रेंस में नारायणपुर प्रखंड के शिक्षा प्रसार पदाधिकारी श्री बंशीधर राम, कुंडहित प्रखंड से श्रीमती ईस्टर मुर्मू, जामताड़ा श्री विपिन कुमार एवं फतेहपुर प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों आदि ने भाग लिया।
रोहित शर्मा, ग्राम समाचार, मिहिजाम
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