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| फ़ोटो: टूटे हुए दुकान के साथ राजेंद्र शाह |
मिली जानकारी के मुताबिक गरीबी रेखा के नीचे गुजर बसर करने वाले दोनों का भरण पोषण मिठाई दुकान से ही चलता था। लॉकडाउन में दुकान बंद रहने से आर्थिक स्थिति चरमराया हुआ पूर्व से था कि आँधी ने और मुसीबत बढ़ा दी है। दुकान पूरी तरह से ध्वस्त होने के कारण पेट चलाने के लिए सारे दरबाजे बंद हो गये। उनका कहना है कि अब घर बनवाएं या रोजी रोटी का जुगाड़ करें। प्रखंड के अंचलाधिकारी से उन्होंने आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
केसरीनाथ, ग्राम समाचार, मसलिया(दुमका)

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