लॉक डाउन में दो महीने का दे रही है केंद्र सरकार सभी कार्ड धरियो को 10 किलो प्रति यूनिट चावल

ग्राम समाचार महागामा (गोड्डा)। कोरोना महामारी के बीच हुए लॉक डाउन में केंद्र सरकार सभी कार्ड धरियों को 10 किलो प्रति यूनिट पीडीएस दुकान के माध्यम से दो महीने का खाद्यान दे रही है।

कोरोना महामारी के बीच हुए लॉक डाउन में सभी जनता अपने अपने घर में लॉक डाउन है। सभी के बीच रोजी रोटी की समस्या उतपन्न हो गई है। ऐसे में कोइ भूखे ना रहे इसके लिए  सरकार एवं स्वंयसेवी संस्था द्वारा कई माध्यमों से उन लोगों के लिए भोजन उपलब्ध करा रही है। कार्ड धारियों को दो दो महीने का खाद्यान उपलब्ध करा रही है। राज्य सरकार पहले ही दो महीने का राशन उपलब्ध करा चुकी है।

अब केंद्र सरकार सभी कार्ड धारीयों को  अप्रैल एवं मई माह का खाद्यान डीलर के माध्यम से बेगैर पैसे लिए करा रही है।

केंद्र सरकार द्वारा दिये गए खाद्यान डीलरों द्वारा उठाव कर लिया गया है।  कार्ड धारी लाभुक अपनाना खाद्यान अपने डीलर के पास जाकर उठाव कर सकते है।

ऐसे में कार्ड धारी  यह न सोचें कि हमने तो पूर्व में अप्रेल एवं मई माह का खाद्यान उठा लिया है। पूर्व में दो महीना अप्रेल एवं मई का दिए गए खाद्यान राज्य सरकार के द्वारा उपलब्ध कराई गई थी। अब यह खाद्यान केंद्र सरकार द्वारा सभी कार्ड धारियों को प्रति यूनिट दस किलो दी जा रही है जो बैगेर पैसे लिए डीलर देगी।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र में एक अफवाह फैल रही है कि पीला कार्ड धारियों को भी प्रति यूनिट दस किलो ही चावल दे रही है जब कि पीला कार्ड धारियों को हमेशा पैतीस किलो खाद्यान मिलता था। ऐसे में कहा जा रहा है कि उनका चावल डीलर द्वारा काट ली जा रही है। जिससे पीला कार्ड धारियों में रोश देखा जा रहा है।

इस अफवाह को लेकर जब प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से जानकारी ली तो उन्होंने मामले को लेकर बताया कि पैतीस किलो खाद्यान राज्य सरकार द्वारा पीला कार्ड धारियों को देती रही है।

लेकिन  यह राशन केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही है जो लाल एवं पीला सभी कार्ड धारियों को प्रति यूनिट दस किलो दे रही है।

- ग्राम समाचार महागामा (गोड्डा)।




Share on Google Plus

Editor - कैलाश शर्मा, विशेष संवाददाता।

ग्राम समाचार से आप सीधे जुड़ सकते हैं-
Whatsaap Number -8800256688
E-mail - gramsamachar@gmail.com

* ग्राम समाचार का संवाददाता बनने के लिए यहां क्लिक करें

- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)
    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें