ग्राम समाचार, नवगछिया। गोपालपुर प्रखंड के डुमरिया चपरघाट पंचायत क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या 7 में मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना का क्रियान्वयन सारे नियमों की अनदेखी करते हुए आनन-फानन में पूरा किया जा रहा है। सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना जो ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं को पूरा करने से है ताकि ग्रामीण परिवेश के लोग भी मूलभूत सुविधाओं से लैस होकर जीवन यापन कर सके। परंतु यहां तो प्रतिनिधि और विभाग के जिम्मेदार लोग ही सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को लूटने में लगे हुए हैं। सरकार की यह योजना ग्रामीणों के लिए कम बल्कि जनप्रतिनिधियों और विभाग के पदाधिकारियों के लिए ज्यादा फायदेमंद सिद्ध हो रहा है। जिससे कि एक तरफ जहां सरकार की यह योजना लूट का अड्डा बना हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों के आशाओं पर भी पानी फिर रहा है।
ताजा मामला गोपालपुर प्रखंड के डुमरिया चपरघट पंचायत के वार्ड नंबर 7 का है। जहां की मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के अंतर्गत पानी टंकी के लिए बोरिंग कराया जा रहा है। वार्ड सदस्य और विभाग के अधिकारियों के द्वारा बिना किसी जन सहमति के अपनी मनमर्जी से स्थल का चयन कर लिया गया। वार्ड संख्या 7 में कराए जा रहे बोरिंग कार्य के सम्वंध में नाम नहीं छापने की शर्त पर दर्जनों ग्रामीणों ने कहा कि इसके लिए वार्ड के लोगों से किसी प्रकार की सहमति नहीं ली गई। साथ ही बोरिंग में लगाये जा रहे पाईप तो घटिया स्तर का है ही साथ ही 300 फीट से कम पाईप डाला गया है।
वहीं दूसरी तरफ विश्वस्त सूत्रों पता चला है कि वार्ड सदस्यों के द्वारा मोटी रकम उगाही कर सारे नियमों को ताक पर रखते हुए ऐसी जगहों पर बोरिंग कराया जा रहा है जो किसी भी दृष्टिकोण से उपयोगी नहीं है। साथ ही वह जगह जहां बोरिंग कराया जा रहा है वहां पानी में आयरन की मात्रा बहुत ही ज्यादा है। अब सवाल यह है कि सरकार एक तरफ ग्रामीण परिवेश के लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है, तो वहीं दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी ही अशुद्ध पेयजल मुहैया कराने पर उतारू है। जिसके कारण कि यह योजना हाथी के दांत साबित हो रहे हैं। वार्ड संख्या 7 के महादलित टोले के दर्जनभर महादलितों ने आरोप लगाया है कि वार्ड सदस्यों ने महादलित टोले में लगने वाले पानी टंकी को जबरन हटा कर दूसरे जगह पर लगा दिया।
आरोप है कि वार्ड संख्या 7 कि सर्वाधिक आबादी महादलित टोले और इनके आसपास बसे हुए हैं। जबकि वार्ड सदस्य के द्वारा ऐसे जगह में बोरिंग कराए जा रहे हैं जहां की आबादी बहुत ही कम है। इस संबंध में वार्ड संख्या 7 के वार्ड सदस्य फकूनी मंडल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अब वार्ड सदस्य का इसमें कोई काम नहीं है। यह काम अब सीधे ही पीएचईडी विभाग के द्वारा कराया जा रहा है।
स्थल चयन के बारे में उन्होंने कहा कि विभाग के द्वारा ही स्थल चयन किया जाता है। जबकि नियमानुसार स्थल चयन करने में वार्ड सदस्य की अध्यक्षता में एक बैठक आहूत कर उस वार्ड के लोगों की सहमति से स्थल चयन करना है। डुमरिया चपरघट पंचायत के मुखिया खगेश सिंह ने कहा कि बोरिंग पीएचईडी विभाग के द्वारा वार्ड मेम्बर के बताये जगह पर किया जाता है। वार्ड सद्स्य के द्वारा मुझे इस बात की जानकारी नहीं दी गई है। मै अभी बाहर हूं आने के बाद देखते है।
- बिजय शंकर, ग्राम समाचार, भागलपुर।

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