ग्राम समाचार, भागलपुर । जगह जगह जुगाड़ गाड़ी की धरपकड़ करने, जुगाड़ चालकों के साथ मार-पीट, गाली-गलौज करने व जुगाड़ गाड़ी के परिचालन को बन्द करने की लगातार दी जा रही धमकी से आक्रोशित सैकड़ों जुगाड़ गाड़ी चालक आज ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त के नेतृत्व में जिला पदाधिकारी, भागलपुर के कार्यालय पहुंचे।
वहां मौजूद पुलिस बल ने सभी को रोक दिया और ताला लगाकर कार्यालय परिसर के मुख्य गेट को बन्द करपहुंच। पुलिस बल से कई बार अपील की गयी किन्तु प्रतिनिधियों को मिलने जाने देने की बजाय दूसरे दिन आने के लिए कहा जाता रहा। पुलिस बल द्वारा बहुत देर तक उकसावे की कार्यवाही की जाती रही किन्तु सभी जुगाड़ गाड़ी चालक शांति व धैर्य के साथ खड़े रहे। अंत तक प्रतिनिधियों को नहीं ही मिलने दिया गया और एक पुलिस अधिकारी ने स्वयं मांगों से सम्बंधित ज्ञापन कार्यालय में रिसीव करवा कर दे दिया।
मौके पर मुकेश मुक्त ने कहा कि प्रशासन और सरकार को गरीबों - मजदूरों को रोजगार देने, उसके रोजगार के तुच्छ साधन को सुरक्षित रखने के लिए काम करना चाहिए, न कि रोजगार छीनने व नष्ट करने के लिए। लाइसेंस व परमिट की मांग पर जुगाड़ चालक वर्षों से संघर्षरत हैं। इनकी मांगो को पूरा करने के बजाय पुलिस प्रशासन इनकी रोजी - रोटी छीनने के लिए तत्परता दिखा रही है, उन्हें धमकी दी जा रही है। ये कैसा न्याय है ? हम मांग करते हैं कि प्रशासन जुगाड़ चालकों की रोजी-रोटी पर हमला बन्द करे और जुगाड़ चालकों को लाइसेंस - परमिट निर्गत करे।
कलेक्ट्रेट पहुंचने के पहले स्थानीय जयप्रकाश उद्यान परिसर में जुगाड़ चालकों ने बैठक की पुलिस की दमनकारी रवैये के खिलाफ संघर्ष की योजना बनाकर सभी एक साथ मांग - पत्र सौंपने व वार्त्ता करने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे।
वहां मौजूद पुलिस बल ने सभी को रोक दिया और ताला लगाकर कार्यालय परिसर के मुख्य गेट को बन्द करपहुंच। पुलिस बल से कई बार अपील की गयी किन्तु प्रतिनिधियों को मिलने जाने देने की बजाय दूसरे दिन आने के लिए कहा जाता रहा। पुलिस बल द्वारा बहुत देर तक उकसावे की कार्यवाही की जाती रही किन्तु सभी जुगाड़ गाड़ी चालक शांति व धैर्य के साथ खड़े रहे। अंत तक प्रतिनिधियों को नहीं ही मिलने दिया गया और एक पुलिस अधिकारी ने स्वयं मांगों से सम्बंधित ज्ञापन कार्यालय में रिसीव करवा कर दे दिया।
मौके पर मुकेश मुक्त ने कहा कि प्रशासन और सरकार को गरीबों - मजदूरों को रोजगार देने, उसके रोजगार के तुच्छ साधन को सुरक्षित रखने के लिए काम करना चाहिए, न कि रोजगार छीनने व नष्ट करने के लिए। लाइसेंस व परमिट की मांग पर जुगाड़ चालक वर्षों से संघर्षरत हैं। इनकी मांगो को पूरा करने के बजाय पुलिस प्रशासन इनकी रोजी - रोटी छीनने के लिए तत्परता दिखा रही है, उन्हें धमकी दी जा रही है। ये कैसा न्याय है ? हम मांग करते हैं कि प्रशासन जुगाड़ चालकों की रोजी-रोटी पर हमला बन्द करे और जुगाड़ चालकों को लाइसेंस - परमिट निर्गत करे।
कलेक्ट्रेट पहुंचने के पहले स्थानीय जयप्रकाश उद्यान परिसर में जुगाड़ चालकों ने बैठक की पुलिस की दमनकारी रवैये के खिलाफ संघर्ष की योजना बनाकर सभी एक साथ मांग - पत्र सौंपने व वार्त्ता करने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे।
- बिजय शंकर, ग्राम समाचार भागलपुर।
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